डेल्टा प्लस: मार्च से ही मौजूद है यह वैरिएंट, सरकार ने आगाह किया-ज्यादा चालाक हो गया, सावधानी रखें
कोरोना के डेल्टा वैरिएंट को लेकर सरकार सतर्क है। दावा किया गया है कि यह अभी चिंताजनक नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना होगी।
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कोरोना वायरस के भारत में कहर ढाने वाले डेल्टा वैरिएंट के एक और रूप यानी डेल्टा प्लस को लेकर अब सरकार सतर्क हो गई है। सरकार ने मंगलवार को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट मार्च से ही हमारे आसपास मौजूद है।
Delta plus variant of Covid around since March. This isn't variant of concern yet and we have to track its progress: Govt
— Press Trust of India (@PTI_News) June 15, 2021विज्ञापन
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट अभी चिंताजनक नहीं है, लेकिन हमें इस पर नजर रखना होगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोरोना वायरस का नया वेरिएंट 2020 के मुकाबले ज़्यादा चालाक हो गया है। यह यूरोप में मार्च से मौजूद था।
डॉ. पॉल ने आगाह किया कि अब हमें ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। हमें ज्यादा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा। मास्क लगातार पहने रखना होगा। इसके बिना परिस्थिति फिर खराब हो सकती है।
कोरोना वायरस का नया वेरिएंट 2020 के मुकाबले ज़्यादा चालाक हो गया है। अब हमें ज्यादा सावधानी बरतने की ज़रूरत है। हमें ज्यादा सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना होगा। मास्क लगातार पहने रखना होगा। इसके बिना परिस्थिति फिर खराब हो सकती है: डॉ. वीके पॉल, सदस्य- स्वास्थ्य, नीति आयोग pic.twitter.com/F8OOhlyP8L
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 15, 2021
बेवजह की यात्रा से बचें : लव अग्रवाल
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि अभी बेवजह की यात्रा करने से बचना चाहिए। कोरोना से जंग में टीकाकरण एक अतिरिक्त औजार है, लेकिन लोगों को अब भी एहतियात बरतना है। मास्क पहनने के साथ उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना चाहिए।
डेल्टा प्लस वैरिएंट से जुड़ी जरूरी बातें
भारत में वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोविड-19 के डेल्टा वैरिएंट में काफी परिवर्तन के बाद डेल्टा प्लस वैरिएंट का निर्माण हुआ है। हालांकि, भारत में इससे चिंतित होने का कोई विशेष कारण नहीं है क्योंकि देश में इस वैरिएंट के मामले अभी भी कम हैं। बता दें, डेल्टा वैरिएंट के ही कारण देशभर में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप बढ़ा था। इसी वैरिएंट के फैलने से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन 21 जून से देश को खोलने की योजना में सफल नहीं हो सके। डेल्टा वैरिएंट के संक्रमण में तेजी होने के कारण ब्रिटेन में भी इसके नए मामले सामने आ रहे हैं।