{"_id":"60fbeb3b0d579b24741c2859","slug":"deloitte-survey-what-is-the-mood-of-indian-consumers-after-the-second-wave-of-corona","type":"story","status":"publish","title_hn":"सर्वे: कोरोना की दूसरी लहर के बाद क्या है भारतीय उपभोक्ताओं का मूड, आने वाले त्योहारों पर कितना खर्च करने को हैं तैयार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सर्वे: कोरोना की दूसरी लहर के बाद क्या है भारतीय उपभोक्ताओं का मूड, आने वाले त्योहारों पर कितना खर्च करने को हैं तैयार
Sat, 24 Jul 2021 07:48 PM IST
प्रतिभा ज्योति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली,
Published by: प्रतिभा ज्योति
Updated Sat, 24 Jul 2021 07:48 PM IST
सार
वित्तीय कर सलाहाकर फर्म डेलायट के एक सर्वे के मुताबिक भारतीय उपभोक्ता आगामी त्योहारी सीजन में विवेक से खर्च करना चाहते हैं। डेलॉयट का कहना है कि 87 प्रतिशत उपभोक्ता अपनी सुविधाओं पर अधिक खर्च करने को तैयार हैं क्योंकि वे इसे प्राथमिकता देते हैं। इसमें सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हैं।
विज्ञापन
भारतीय उपभोक्ता
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डेलायट ने जून में 30 दिनों तक किए गए 'ग्लोबल स्टेट ऑफ द कंज्यूमर ट्रैकर' की अपनी नई सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय उपभोक्ता आगामी त्योहारों जैसे रक्षा बंधन, जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी में समझदारी से खर्च करना चाहते हैं। 61 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने संकेत दिया कि वे अब दुकानों में जाकर खरीदारी करने को सुरक्षित मानते हैं। जबकि लंबे समय से पारिवारिक और सामाजिक आयोजनों से दूर रहने वाले 51 प्रतिशत लोग अब किसी आयोजन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होना चाहते हैं।
विज्ञापन
लोगों में तनाव और चिंता का स्तर भी कम
सर्वे के मुताबिक कोरोना के केस कम होने और टीकाकरण बढ़ने के कारण लोगों के तनाव और चिंता के स्तर में भी कमी आई है। मई में हुए सर्वे में जहां 45 प्रतिशत लोगों में तनाव और चिंता का स्तर देखा गया था उसके मुकाबले अब यह केवल 39 प्रतिशत लोगों में पाया गया है। हालांकि, 79 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ता अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हैं और 85 प्रतिशत अपने परिवार के स्वास्थ्य को लेकर परेशान हैं।
विज्ञापन
घर से काम करने से बचत बढ़ी
अभी ज्यादातर कंपनियां कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दे रही है। अब जबकि कॉरपोरेट इंडिया घर से काम करने की नीति का मूल्यांकन कर रहा है, सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाले लोगों ने कहा घर से काम करने के कारण परिवहन और किराए पर खर्च नहीं होने के कारण बचत करने में काफी मदद मिली है। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि उपभोक्ता सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कम कर रहे हैं और नई गाड़ी को लेकर सावधानी से खर्च करना चाहते हैं।
विज्ञापन
65फीसदी को नौकरी जाने का डर
केवल 20 प्रतिशत भारतीय उपभोक्ताओं को अपने कार्यस्थल पर लौटने को लेकर चिंता हो रही है, लेकिन 65 प्रतिशत अपनी नौकरी खोने के डर से चिंतित हैं। सर्वे में यह भी कहा गया है कि 35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के उपभोक्ता अगले तीन महीनों में छुट्टी पर जाना चाहते हैं। 58 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने संकेत दिया है कि वे एक होटल में ठहरने में सहज हैं।
18 देशों में एक-एक हजार लोगों के बीच हुई रायशुमारी
डेलॉइट का ग्लोबल स्टेट ऑफ द कंज्यूमर ट्रैकर सर्वेक्षण सभी 18 देशों में हजार-हजार लोगों के साथ ऑनलाइन किया गया। सर्वेक्षण में भारत, चिली, चीन, मैक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, अमेरिका, आयरलैंड, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा, जापान, फ्रांस, पोलैंड, स्पेन, नीदरलैंड, जर्मनी और इटली में 18 साल से अधिक उम्र के लोग शामिल हुए।