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दिल्ली हिंसा में अपना सब कुछ गंवाने वालों को अब सता रहा कोरोनावायरस का डर
Thu, 05 Mar 2020 08:46 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Thu, 05 Mar 2020 08:46 PM IST
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शरणार्थी कैंप में कई डॉक्टर्स मदद के लिए जुटे हैं
- फोटो : Amar ujala
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दिल्ली हिंसा में प्रभावित लोगों के सामने अब नया डर सताने लगा है। सैकड़ों लोग उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद में एक ईदगाह में बने अस्थायी शरणार्थी कैंप में रहने को मजबूर हैं। हिंसा में अपने परिजनों और घर को गंवाने का दुख अभी कम भी नही हुआ है और अब कोरोनावायरस का डर सताने लगा है।
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हालांकि वॉलंटियर्स यहां दवाएं और सेनिटाइजर मुहैया करा रहे हैं और विशेषज्ञ भी समय-समय पर उनसे बातें कर रहे हैं। मगर वे 'कोरोनावायरस' शब्द का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं ताकि यहां रहने वाले लोगों में इसे लेकर भय पैदा न हो। इस कैंप में महिलाओं के अलावा बड़ी संख्या में बच्चे भी हैं।
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ईदगाह में मुफ्त स्वास्थ्य कैंप लगाने वाले डॉक्टर्स यूनिटी वेलफेयर एसोसिएशन के लायक अहमद के मुताबिक यहां बहुत से लोगों ने खांसी, जुकाम, सर्दी, उलटी और बुखार की शिकायत की है। उन्होंने बताया, 'दवाओं के अलावा हम लोगों से बार-बार हाथ धोने और मास्क का इस्तेमाल करने को कह रहे हैं। मगर हम कोरोनावायरस का नाम नहीं ले रहे। लोगों में पहले ही इसे लेकर काफी डर पैदा हो चुका है।'
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सफाई रखना एक बड़ी चुनौती
डॉक्टर और वॉलंटियर्स का कहना है कि यहां सफाई रखने का पूरा ध्यान रखा जा रहा है, लेकिन जहां सैकड़ों लोग मौजूद हों, वहां स्वच्छता रखना बड़ी चुनौती है। यहां मोबाइल टॉयलट की संख्या बहुत ही कम है। इस वजह से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी मुश्किलें हो रही हैं।
'जब घर ही जल गया कोरोनावायरस क्या कर लेगा'
यहां कई संगठनों के स्वास्थ्यकर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एक अन्य डॉक्टर एहसान सैफी का कहना है कि हमारे पास साबुन और पानी तो है लेकिन मास्क की काफी कमी है। प्रभावित लोगों की मदद में जुटी अंकिता उपरेती ने बताया कि इन लोगों ने पहले ही काफी कुछ झेला है...अब यह नई मुसीबत खड़ी हो गई है। अभी तो हम लोगों से स्वच्छता बनाए रखने के लिए कह रहे हैं। एक अन्य वॉलंटियर अरमान ने मौजूदा स्थिति को बयां करते हुए कहा, 'जब घर ही जल गया तो कोरोनावायरस क्या कर लेगा...।'