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विवेकानंद कॉलेज की मनमानी: शिक्षा मंत्रालय का आदेश ताक पर रख एडहॉक टीचर्स को नौकरी से निकाला
Tue, 15 Jun 2021 07:23 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Tue, 15 Jun 2021 07:23 PM IST
सार
एडहॉक टीचर्स ने बताया, विवेकानंद कॉलेज के प्राचार्य ने कालेज में पढ़ा रहे 12 एडहॉक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया है। वहीं हर चार माह में होने वाली रीज्वाइनिंग से भी इंकार कर दिया। कॉलेज में गर्वनिंग बॉडी दिल्ली सरकार की है।
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विवेकानंद कॉलेज से बर्खास्त एडहॉक टीचर्स प्रदर्शन करते हुए
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में एडहॉक टीचर्स को नौकरी से निकालने का सिलसिला जारी है। ताजा मामला विवेकानंद कॉलेज का सामने आया है। जहां कॉलेज प्रबंधन ने 12 एडहॉक शिक्षकों को शिक्षा मंत्रालय के नियमों की अनदेखी करते हुए नौकरी से निकाल दिया। शिक्षकों को नौकरी से निकाले जाने के विरोध में एडहॉक टीचर्स ने कॉलेज का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। शिक्षकों का कहना है कि प्राचार्य और कॉलेज प्रबंधन नियमों की अनदेखी करते हुए कोरोना संकट के समय में एडहॉक टीचर्स को नौकरी से निकाल रहे हैं। हम लोग शांतिपूर्वक तरीके से कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन कर रहे थे और हमें पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार कर लिया।
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एडहॉक टीचर्स ने अमर उजाला से कहा, विवेकानंद कॉलेज के प्राचार्य ने कालेज में पढ़ा रहे 12 एडहॉक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया है। वहीं हर चार माह में होने वाली रीज्वाइनिंग से भी इंकार कर दिया। कॉलेज में गर्वनिंग बॉडी दिल्ली सरकार की है। इसके चेयरमैन मुनीष कौशिक है। कौशिक को एडहॉक टीचर्स के प्रकरण के अलावा शिक्षा मंत्रालय के दिसंबर 2019 के अनुबंध की पूरी जानकारी है। इसके बाद भी शिक्षकों को नौकरी से निकाला जा रहा है।
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प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने आगे कहा कि जनवरी 2021 में इसी कालेज प्रबंधन और प्राचार्य ने चार एडहॉक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया था। जिसके विरोध में दिल्ली विवि शिक्षक संघ (डूटा) ने कॉलेज में विरोध प्रदर्शन कर शिक्षकों को नौकरी पर रखने की मांग भी की थी। प्रदर्शन के बाद गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन ने शिक्षा मंत्रालय के अनुबंध का संज्ञान लेते हुए सभी निकाले गए एडहॉक शिक्षकों को चार माह के लिए रिज्वाइनिंग भी दी थी।
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टीचर्स ने आगे बताया कि हर एडहॉक टीचर्स की चार महीने बाद रिज्वाइनिंग होती है। लेकिन विवेकानंद कॉलेज और प्राचार्य ने फिर से शिक्षा मंत्रालय के नियमों के अनदेखी करते हुए अप्रैल माह में फिर से 12 एडहॉक शिक्षकों को रिज्वाइनिंग देने से साफ इंकार कर दिया। शिक्षकों को फिर से बहाल करने के लिए डूटा ने प्राचार्य को पत्र भी लिखा, लेकिन प्राचार्य और प्रबंधन ने अनदेखा कर दिया। इसके बाद फिर सभी शिक्षकों ने कॉलेज प्रबंधन और प्राचार्य की मनमर्जी के खिलाफ ऑनलाइन प्रदर्शन भी किया था।
उन्होंने आगे बताया कि आज कॉलेज प्रबधंन और प्राचार्य जो तर्क दे रहे हैं वह पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। ये सभी बातें गवर्निंग बॉडी के संज्ञान में भी है। गवर्निंग बॉडी ने अपनी मीटिंग कर उन एडहॉक शिक्षकों को रिज्वाइनिंग देने आदेश दे दिया है, फिर भी वह उसे मानने को तैयार नहीं हैं और अपनी मनमर्जी चला रहे हैं।