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पंजाब की एक महिला ने रची थी CBSE पेपर लीक की साजिश, ऐसे हुआ खुलासा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:58 AM IST
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cbse paper leak
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सीबीएसई के 12वीं के अर्थशास्त्र का प्रश्नपत्र लीक मामले में हर रोज एक नई बात सामने आ रही है। दिल्ली पुलिस ने 12वीं कक्षा के हाथ से लिखे व्हाट्सएप पर देशभर में घूम रहे 12वीं के अर्थशास्त्र के लीक पेपर की गुत्थी को पूरी तरह सुलझा लिया है। यह पर्चा हिमाचल प्रदेश के ऊना से लीक हुआ था।
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दिल्ली पुलिस को इस मामले में पंजाब की दो गृहिणियों के शामिल होने की भी जानकारी मिली है। जो 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र का पेपर लीक करने में शामिल थी। जिस महिला के भतीजे दिल्ली में हैं, जिन्होंने पेपर लीक करने में नेतृत्व किया था। संदेह के आधार पर पुलिस ने महिला से पूछताछ की, जिसमें महिला ने आखिरकार यह कबूल किया कि उसने अपने बेटे और भतीजे की मदद से रिश्तेदार राकेश कुमार से हाथ से लिखे हुए 12 वीं अर्थशास्त्र के प्रश्नपत्र की तस्वीर प्राप्त की थी।
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बताते चलें कि शनिवार को पुलिस ने वहां के डीएवी सेनटेनरी पब्लिक स्कूल के शिक्षक राकेश कुमार, क्लर्क अमित शर्मा और चपरासी अशोक को गिरफ्तार किया है। राकेश कुमार तीन स्कूलों का केंद्र अधीक्षक था। बैंक से पेपर लेने, केंद्र तक पहुंचाने व परीक्षाएं ठीक से कराने की जिम्मेदारी केंद्र अधीक्षक की होती है। इन्होंने अर्थशास्त्र का पेपर तीन दिन पहले लीक कर दिया था।
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दिल्ली पुलिस ने तीनों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। अब तक की पूछताछ में पैसे के लिए पेपर लीक करने की बात सामने नहीं आई है। तीनों आरोपी ऊना स्थित डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल के कर्मचारी हैं। जिनमें से एक पीजीटी कॉमर्स, जबकि दूसरा क्लर्क तथा तीसरा आरोपी चपरासी के पद पर कार्यरत है।
गिरफ्तारी के बाद शनिवार को अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त आरपी उपाध्याय ने बताया कि सीबीएसई मुख्यालय में 26 मार्च (इस दिन अर्थशास्त्र का पेपर हआ था) को एक लिफाफा आया था। इसमें अर्थशास्त्र के पेपर की हाथ से लिखी हुई चार इमेज थीं। सीबीएसई ने इसकी शिकायत दिल्ली पुलिस से की।
ऐसे लीक किया था पेपर
डीएवी सेनटेनरी पब्लिक स्कूल के शिक्षक राकेश कुमार 23 मार्च को ऊना स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में कंप्यूटर साइंस का पेपर लेने गया था। तभी उसने 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर का बंडल निकाल लिया था। बैंक से बाहर आकर उससे एक पेपर अपने पास रख लिया और इसकी फोटो खींचकर अपनी एक छात्रा को भेज दिया। इसी तरह से यह पेपर लीक हो गया।