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हाइपरलूप के जरिए 70 मिनट में दिल्ली से मुंबई की यात्रा!
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Jan 2017 11:51 AM IST
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- फोटो : सोशल मीडिया
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दिल्ली से मुंबई की यात्रा सिर्फ 70 मिनट में या चेन्नई से मुंबई 60 मिनट में.. चुनाव आपको करना है। मंगलवार को दिल्ली आए लॉस एंजिल्स स्थित एक स्टार्टअप के सीनियर एक्जीक्यूटिव ने कहा, 'हाइपरलूप आपको एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में बहुत कम समय लेगा और यह किसी भी मौजूदा ट्रेन या फ्लाइट से तेज हैं और सस्ता भी है।'
साल 2013 में टेस्ला मोटर्स के सीआईओ और सहसंस्थापक एलोन मस्क ने इसका प्रस्ताव रखा था। हाइपरलूप कॉन्सेप्ट हाईस्पीड ट्रेनों का विकल्प है, जिसके जरिए माल या यात्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक कम दबाव वाले स्टील ट्यूब के माध्यम से ले जाता है।
हालांकि भारत में हाइपरलूप वन (यह कंपनी एलोन मस्क से जुड़ी नहीं है, क्योंकि मस्क चाहते थे कि उनका कॉन्सेप्ट ओपन सोर्स प्रोजेक्ट हो) के लिए अपने स्टील ट्यूब्स बनाने में अच्छा खासा समय लगेगा। इस स्टॉर्ट अप की एक टॉप लेवल टीम फंड जुटाने और नई प्रतिभाओं को ढूंढ़ने के लिए भारत आई है।
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हाइपरलूप वन में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (ग्लोबल फील्ड ऑपरेशंस) निक अर्ले ने कहा, 'हम अपनी सीरीज सी की फंडिंग के लिए करोड़ों डॉलर जुटाने की प्रक्रिया में हैं।'
उन्होंने कहा, 'अपने ग्लोबल चैलेंज के लिए हमें भारत से बड़ी संख्या में आवेदन (कंपनियां, तकनीक में दिलचस्पी रखने वाले संस्थान) मिले हैं। इसके साथ ही हम सरकारी संस्थानों से भी मिलने की योजना में हैं और इस तकनीक को चलाने के लिए नियम कायदे बनाने में सभी संभव मदद करेंगे।'
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साल 2013 में टेस्ला मोटर्स के सीआईओ और सहसंस्थापक एलोन मस्क ने इसका प्रस्ताव रखा था। हाइपरलूप कॉन्सेप्ट हाईस्पीड ट्रेनों का विकल्प है, जिसके जरिए माल या यात्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक कम दबाव वाले स्टील ट्यूब के माध्यम से ले जाता है।
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हालांकि भारत में हाइपरलूप वन (यह कंपनी एलोन मस्क से जुड़ी नहीं है, क्योंकि मस्क चाहते थे कि उनका कॉन्सेप्ट ओपन सोर्स प्रोजेक्ट हो) के लिए अपने स्टील ट्यूब्स बनाने में अच्छा खासा समय लगेगा। इस स्टॉर्ट अप की एक टॉप लेवल टीम फंड जुटाने और नई प्रतिभाओं को ढूंढ़ने के लिए भारत आई है।
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हाइपरलूप वन में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (ग्लोबल फील्ड ऑपरेशंस) निक अर्ले ने कहा, 'हम अपनी सीरीज सी की फंडिंग के लिए करोड़ों डॉलर जुटाने की प्रक्रिया में हैं।'
उन्होंने कहा, 'अपने ग्लोबल चैलेंज के लिए हमें भारत से बड़ी संख्या में आवेदन (कंपनियां, तकनीक में दिलचस्पी रखने वाले संस्थान) मिले हैं। इसके साथ ही हम सरकारी संस्थानों से भी मिलने की योजना में हैं और इस तकनीक को चलाने के लिए नियम कायदे बनाने में सभी संभव मदद करेंगे।'
1,080 Kmph की रफ्तार से चलता है हाइपरलूप पॉड
डीपी वर्ल्ड, शेरपा कैपिटल और जीई वेंचर्स के समर्थन वाली कंपनी हाइपरलूप वन का दावा है कि दुनिया में सिर्फ उसी के पास ऑपरेशनल प्रोटोटाइप है और मार्च महीने में अमेरिका के नेवादा में इसका परीक्षण किया जाएगा।
कंपनी ने दुनिया भर में सात प्रोजेक्ट हासिल किए हैं। इसमें एक अबूधाबी से दुबई को जोड़ने का भी है। कंपनी के मुताबिक पहला व्यावसायिक प्रोजेक्ट 2020 तक पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी ने फंडिंग के जरिए अभी तक 160 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।
प्रस्तावित रूट और भारत में उसकी संभावनाओं को देखते हुए हाइपरलूप वन पांच कॉरिडोर पर विचार कर रही है, जहां सिस्टम विकसित किया जा सकता है। इसमें दिल्ली-मुंबई, बेंगलुरु-तिरूवनंतपुरम, चेन्नई-बेंगलुरु, मुंबई-चेन्नई और बंदरगाह को जोड़ने वाला एक प्रोजेक्ट है।
हाइपरलूप का एक पॉड ट्यूब के भीतर 1,080 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलता है। इसमें 24 लक्जरी सीटें या 50 बिजनेस क्लास या 80-90 इकोनॉमी क्लास की सीटें होती हैं।
हाइपरलूप वन के वाइस प्रेसिडेंट एलन जेम्स ने कहा, 'एक गतिमान पॉड्स 10 सेकेंड के इंटरवल पर एक घंटे में 20 हजार यात्रियों को सभी दिशाओं में उतार सकता है। एक पॉड को 70 टन मॉल ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।' हाइपरलूप वन मालभाड़ा, यात्रियों और छोटे-छोटे पार्सल और कूरियर के लिए अलग-अलग हाइपरलूप मॉडल विकसित कर रहा है।
कंपनी ने दुनिया भर में सात प्रोजेक्ट हासिल किए हैं। इसमें एक अबूधाबी से दुबई को जोड़ने का भी है। कंपनी के मुताबिक पहला व्यावसायिक प्रोजेक्ट 2020 तक पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी ने फंडिंग के जरिए अभी तक 160 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।
प्रस्तावित रूट और भारत में उसकी संभावनाओं को देखते हुए हाइपरलूप वन पांच कॉरिडोर पर विचार कर रही है, जहां सिस्टम विकसित किया जा सकता है। इसमें दिल्ली-मुंबई, बेंगलुरु-तिरूवनंतपुरम, चेन्नई-बेंगलुरु, मुंबई-चेन्नई और बंदरगाह को जोड़ने वाला एक प्रोजेक्ट है।
हाइपरलूप का एक पॉड ट्यूब के भीतर 1,080 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलता है। इसमें 24 लक्जरी सीटें या 50 बिजनेस क्लास या 80-90 इकोनॉमी क्लास की सीटें होती हैं।
हाइपरलूप वन के वाइस प्रेसिडेंट एलन जेम्स ने कहा, 'एक गतिमान पॉड्स 10 सेकेंड के इंटरवल पर एक घंटे में 20 हजार यात्रियों को सभी दिशाओं में उतार सकता है। एक पॉड को 70 टन मॉल ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।' हाइपरलूप वन मालभाड़ा, यात्रियों और छोटे-छोटे पार्सल और कूरियर के लिए अलग-अलग हाइपरलूप मॉडल विकसित कर रहा है।