Delhi Liquor Scam: आतिशी को मंत्रिमंडल में शामिल करने को लेकर BJP की आपत्ति, लिखी केजरीवाल को चिट्ठी
Delhi Liquor Scam: दिल्ली प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने अमर उजाला से कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल को पत्र लिखकर आतिशी को मंत्रिमंडल में शामिल न करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वामपंथी विचारधारा लंबे समय से देश के हितों के साथ समझौता करती रही है...
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शराब घोटाले के आरोपी मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के इस्तीफे के बाद दिल्ली सरकार में जिन दो नए चेहरों की एंट्री होने की संभावना लगाई जा रही है, उनमें आतिशी मार्लेना प्रमुख हैं। वहीं भाजपा ने आतिशी को दिल्ली कैबिनेट में शामिल करने को लेकर आपत्ति जताई है। भाजपा ने एक पुराने विवाद से आतिशी मार्लेना को जोड़ते हुए सीएम केजरीवाल को पत्र भी लिखा है। दिल्ली सरकार के शिक्षा मॉडल की प्रमुख सूत्रधार रहीं आतिशी मार्लेना उच्च शिक्षित हैं और पार्टी की विचारधारा से आंदोलन के समय से ही जुड़ी हुई हैं। कालकाजी से विधायक आतिशी मार्लेना के मंत्रिमंडल में शामिल होने से केजरीवाल को मनीष सिसोदिया की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। महिला चेहरे के रूप में एक नए मंत्री के मिलने से भी मंत्रिमंडल को पूर्णता मिल सकती है। मंत्रिमंडल के दूसरे नए संभावित चेहरे सौरभ भारद्वाज को अरविंद केजरीवाल का भरोसेमंद होने का लाभ मिला है।
केजरीवाल के ये दोनों विशेष सहयोगी पूरी तरह साफ-सुथरी छवि के हैं और वे पार्टी की रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। भाजपा के लिए इन चेहरों को किसी घोटाले में शामिल बताना काफी मुश्किल होगा। इन दो युवा चेहरों के शामिल होने से अरविंद केजरीवाल को भरोसे का साथी मिल जाएगा, यह माना जा सकता है। पार्टी इन्हें मॉडल के तौर पर विकसित कर दूसरे राज्यों के चुनावी अभियान को आगे बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकती है।
आतिशी के साथ विवाद
हालांकि, आतिशी मार्लेना के साथ भी कुछ विवाद रहे हैं, जिन्हें विपक्ष उठाकर केजरीवाल को घेरने की रणनीति अपना सकता है। आतिशी ने जब 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ा था, तब उनके सरनेम को लेकर खूब चर्चा हुई थी। उनके सरनेम के साथ जुड़ा मार्लेना शब्द मार्क्स और लेनिन को जोड़कर बनाया हुआ बताया गया था। कहा गया था कि उनके वामपंथी विचारधारा से जुड़े पिता विजय सिंह ने वामपंथ के प्रति अपने अनुराग के कारण ही बेटी के नाम के साथ मार्लेना शब्द जोड़ दिया था। विवाद बढ़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने उस चुनावी अभियान में बाद में आतिशी के नाम के साथ सिंह उपनाम लगा दिया था।
चर्चा है कि आतिशी के पिता विजय सिंह ने संसद हमले के आरोपी अफजल गुरु को फांसी पर लटकाने से बचाने के लिए राष्ट्रपति से अपील की थी। राष्ट्रवाद के मुद्दे पर आक्रामक खेल खेलती भाजपा इसे भी मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकती है।
सौरभ भारद्वाज बेहद आक्रामक
केजरीवाल मंत्रिमंडल में शामिल होने जा रहे दूसरे बड़े चेहरे सौरभ भारद्वाज बेहद आक्रामक राजनीति के लिए जाने जाते हैं। भाजपा के राजनीतिक हमलों की प्रतिक्रिया देने में वे पार्टी की तरफ से सबसे आगे रहते हैं। उनकी इन्हीं खूबियों को देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने उन्हें पार्टी का मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया हुआ है। मंत्री बनने के बाद उनके तेवर और ज्यादा तल्ख होंगे, ऐसा माना जा सकता है।
पेशे से एक वकील सौरभ भारद्वाज कानूनी दांवपेंच बखूबी समझते हैं। लिहाजा अपनी बयानबाजी के दौरान भी वे बेहद सधी भाषा का प्रयोग करते हैं और विपक्षियों के बेहद तार्किक जवाब देते हैं। वे सरकार के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। जब भाजपा ने अरविंद केजरीवाल पर रामविरोधी होने का आरोप लगाया था, तब सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में ही पार्टी ने जगह-जगह पर हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित कर भाजपा की राजनीतिक कोशिशों पर पानी फेर दिया था। एक मंत्री के तौर पर वे दिल्ली सरकार का राजनीतिक अभियान किस तरह आगे बढ़ाते हैं, इस पर लोगों की नजर बनी रहेगी।
भाजपा बोली- मार्लेना वामपंथी विचारधारा वालीं
दिल्ली प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने अमर उजाला से कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री केजरीवाल को पत्र लिखकर आतिशी को मंत्रिमंडल में शामिल न करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वामपंथी विचारधारा लंबे समय से देश के हितों के साथ समझौता करती रही है। उसका देशविरोधी ताकतों के साथ खड़े होने की लंबी परंपरा रही है। ऐसे में दिल्ली की जनता के लिए यह चिंता की बात है कि वामपंथी विचारधारा की आतिशी मार्लेना को अरविंद केजरीवाल अपने मंत्रिमंडल में शामिल कर रहे हैं।
भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आतिशी मार्लेना दिल्ली के शिक्षा मॉडल के पीछे अहम चेहरा बताई जाती हैं। लेकिन इसी शिक्षा मॉडल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में टॉयलेट को कक्षा बताकर करोड़ों का घोटाला किया गया। यह पता लगना चाहिए कि इन घोटालों में उनकी क्या भूमिका रही है?