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Delhi Liquor Policy: दिल्ली में फिर लागू हुई पुरानी शराब नीति, डिस्काउंट-ऑफर से लेकर दुकानों तक क्या बदलेगा?

Thu, 01 Sep 2022 06:52 PM IST
जयदेव सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जयदेव सिंह Updated Thu, 01 Sep 2022 06:52 PM IST
सार

17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति लागू की गई थी। दिल्ली के मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में नई नीति में सात बड़ी खामियां बताईं। रिपोर्ट के आधार पर उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी। इसके बाद ही केजरीवाल सरकार ने नई शराब नीति को वापस लेने का एलान कर दिया।

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Delhi Liquor Policy U Turn Govt Vends To Replace Private Liquor Shops
दिल्ली की नई शराब नीति पर छह महीने की रोक। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दिल्ली में आज से पुरानी शराब नीति फिर से लागू हो जाएगी। नई शराब नीति पर विवाद होने के बाद दिल्ली सरकार ने 31 जुलाई को इसे वापस ले लिया था। आज से लागू हो रही पुरानी शराब नीति अगले छह महीने तक लागू रहेगी। इस दौरान नए सिरे से नई शराब नीति बनाई जाएगी, इस नीति को अगले वित्त वर्ष से लागू किया जाएगा। 

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पुरानी शराब नीति लागू होने के बाद दिल्ली में क्या बदलेगा? पुरानी नीति के तहत कितनी दुकानें खुलेंगी? नई शराब नीति को क्यों वापस लिया गया? डिस्काउंट-ऑफर का क्या अब होगा? क्या दिल्ली में शराब पीने की न्यूनतम उम्र भी फिर से 25 साल हो जाएगी? आइये जानते हैं…

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पुरानी शराब नीति लागू होने के बाद दिल्ली में क्या बदलेगा?

सबसे पहले नीति खुदरा विक्रेताओं द्वारा चलाई जा रही 250 L-7 दुकानें बंद हो जाएंगी। इन निजी विक्रेताओं को अगले छह महीने तक न तो दुकान खोलने की न ही शराब बेचने की इजाजत होगी। छह महीने बाद सरकार के फैसले (नए सिरे से बनने वाली शराब नीति के तहत) के मुताबिक इनके भविष्य का फैसला होगा। 

पुरानी नीति के तहत कितनी दुकानें खुलेंगी? 

पुरानी नीति के तहत केवल सरकारी शराब की दुकानें ही अगले छह महीने तक खुलेंगी। ये दुकानें दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कोऑपरेशन, दिल्ली टूरिज्म एंड ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट कोऑपरेशन (DTTDC), दिल्ली उपभोक्ता सहकारी थोक स्टोर (DCCWS) और दिल्ली राज्य नागरिक आपूर्ति निगम विभाग (DSCSC) द्वारा संचालित होंगी। 

Delhi Liquor Policy U Turn Govt Vends To Replace Private Liquor Shops
शराब नीति - फोटो : अमर उजाला

तो क्या दुकानों की संख्या भी घट जाएगी?

नई शराब नीति के तहत पूरी दिल्ली में 849 दुकानें खुलनी थीं। ये सभी दुकानें निजी वेंडरों द्वारा खोली जानी थीं।  इससे पहले जब पुरानी शराब नीति लागू थी तब दिल्ली में 864 दुकानें थीं। इनमें 475 सरकारी और 389 निजी वेंडरों द्वारा संचालित थीं।  

आज से शुरू हो रही पुरानी पॉलिसी तहत शुरुआत में करीब 300 सरकारी दुकानें खुलेंगी। अगले सात दिन के भीतर करीब 500 सरकारी दुकानें खोलने का दावा है। दिसंबर के अंत तक करीब दो सौ और सरकारी दुकानें खुलने के आसार हैं। ये दुकानें एयरपोर्ट, कैंटोनमेंट एरिया और एनडीएमसी में संचालित होंगी। अधिकारियों का कहना है कि अगले हफ्ते से सरकारी दुकानों पर शराब की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।  

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कैसे पता चलेगा कि दुकान कहां है?

इसकी जानकारी के लिए mAbkaridelhi नाम का एप है। इस एप से शराब की दुकानों के बारे में सारी जानकारी मिल जाएगी। एप के जरिए आप ये भी जान सकेंगे कि अभी कहां कौन सा ब्रांड अवेलेबल है। शराब की दुकान की लोकेशन के साथ बॉटल स्कैनर टूल भी होगा। इस टूल से आप पता कर सकते हैं कि , शराब असली है या नकली। अगर आपको किसी तरह की शिकायत है तो वो भी आप इस एप के जरिए कर सकते हैं।  

डिस्काउंट-ऑफर का क्या अब होगा?

बाय वन गेट वन फ्री, टू प्लस थ्री ऑन एमआरपी जैसे सभी ऑफर आज से बंद हो जाएंगे। इसके साथ ही दिल्ली में ड्राई डे की संख्या भी तीन से बढ़कर 21 हो जाएगी।  यानी, इन 21 दिनों में शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी।

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शराब नीति - फोटो : अमर उजाला

 नई शराब नीति को क्यों वापस लिया गया? 

17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति लागू की गई थी। नई नीति में शराब बेचने का काम पूरी तरह नीजि कंपनियों के हाथ में आ गया। आम आदमी पार्टी सरकार ने दावा किया नई नीति में शराब की दुकानों का समान वितरण किया जाना था। इसके लिए दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया था। 

 सरकार का दावा था कि नई नीति से माफिया राज खत्म होगा और रेवेन्यू बढ़ेगा। हालांकि, बिक्री बढ़ने के बाद भी सरकार की आय घट गई। विपक्षी पार्टी भाजपा ने नई नीति में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। दिल्ली के मुख्य सचिव ने अपनी रिपोर्ट में नई नीति में सात बड़ी खामियां बताईं। इस रिपोर्ट में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का भी आरोप लगा। रिपोर्ट के आधार पर उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी। इसके बाद ही केजरीवाल सरकार ने नई शराब नीति को वापस लेने का एलान कर दिया।  

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