{"_id":"6839e4166c386a96a40a0829","slug":"delhi-it-is-mandatory-to-install-anti-smog-guns-on-every-tall-building-a-big-decision-to-reduce-air-pollution-2025-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Air Pollution: हर ऊंची बिल्डिंग पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य, वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बड़ा निर्णय","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Air Pollution: हर ऊंची बिल्डिंग पर एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य, वायु प्रदूषण को कम करने के लिए बड़ा निर्णय
Fri, 30 May 2025 10:30 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 30 May 2025 10:30 PM IST
सार
दिल्ली सरकार ने राजधानी की सभी ऊंची-ऊंची बिल्डिंगों पर 'एंटी स्मॉग गन' लगाना अनिवार्य कर दिया है। सभी मॉल, होटल और निजी कार्यालयों की ऊंची बिल्डिंग पर इसे लगाना अनिवार्य होगा। ज्यादा बड़े भवनों में तीन से छः स्मॉग गन तक लगाने होंगे।
विज्ञापन
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली में वायु प्रदूषण के असर को कम करने के लिए राजधानी की सभी ऊंची-ऊंची बिल्डिंगों पर 'एंटी स्मॉग गन' लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी मॉल, होटल और निजी कार्यालयों की ऊंची बिल्डिंग पर इसे लगाना अनिवार्य होगा। ज्यादा बड़े भवनों में तीन से छः स्मॉग गन तक लगाने होंगे। इसे वर्षा के कुछ दिनों को छोड़कर पूरे साल भर चलाना होगा। एंटी स्मॉग गन लगाने के लिए इन हाई राइज बिल्डिंगों को छः महीने का समय दिया गया है। निजी रिहायशी घरों को इस आदेश से बाहर रखा गया है।
दिल्ली सरकार ने केवल एंटी स्मॉग गन लगाने का आदेश ही नहीं पारित किया है, यह निर्देश भी दे दिया है कि यह स्मॉग गन कम से कम कितनी क्षमता का होगा। आदेश के अनुसार, एंटी स्मॉग गन 75 मीटर से 100 मीटर की दूरी तक जल वाष्प फेंकने की क्षमता वाला होना चाहिए। इसमें हर घंटे अधिकतम 1200 लीटर का शोधित जल ही उपयोग किया जा सकेगा। इन स्मॉग गनों से निकलने वाले जल वाष्प की मोटाई पांच से 20 तक होना चाहिए।
सरकार के आदेश के अनुसार, इन स्मॉग गन को वायु प्रदूषण के उच्च दरों वाले समय में (जैसे सुबह, शाम या देर रात के समय) चलाना अनिवार्य होगा। बारिश के दिनों में 15 जून से एक अक्टूबर तक इसे चलाने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। इन स्मॉग गनों से बहुत ज्यादा शोर भी नहीं पैदा होना चाहिए, इसके निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
सभी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मॉल और 3000 वर्ग मीटर से अधिक पर बने होटलों और ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच फ्लोर वाले सभी भवनों पर यह आदेश लागू होगा। इसकी मॉनिटरिंग एमसीडी, डीडीए, एनडीएमसी, सीपीडब्ल्यूडी सहित अन्य संस्थाएं करेंगी और इसकी निगरानी रिपोर्ट हर तिमाही आधार पर जमा करानी होगी। सरकार का अनुमान है कि सात से दस मंजिला इमारतों में ये स्मॉग गन बहुत अच्छा परिणाम देंगे और इससे दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सुधार करने में बहुत मदद मिलेगी।
सबको स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार- मंत्री
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि दिल्ली के हर बच्चे-बुजुर्ग, महिला और अन्य सभी निवासियों को साफ-स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे साल भर लोगों को साफ हवा मिले, इससे किसी भी तरह समझौता नहीं करने देगी। सबके सहयोग से पूरी दिल्ली की हवा को पूरे साल भर साफ रखने का प्रयास किया जा रहा है। अन्य कदमों के साथ-साथ यह कदम दिल्ली को साफ रखने में कारगर उपाय साबित होगा।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब तक एंटी स्मॉग गन लगाने का प्रस्ताव केवल सलाहकारी या सीजनल था। इससे इसका पर्याप्त असर नहीं होता था। निजी भवन मालिक इसे चलाने में इच्छुक नहीं रहते थे। लेकिन अब इसे लगाना और चलाना सबके लिए अनिवार्य होगा। इससे साल भर लोगों को साफ हवा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि साफ हवा में सांस लेने के अधिकार से किसी को वंचित नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
दिल्ली सरकार ने केवल एंटी स्मॉग गन लगाने का आदेश ही नहीं पारित किया है, यह निर्देश भी दे दिया है कि यह स्मॉग गन कम से कम कितनी क्षमता का होगा। आदेश के अनुसार, एंटी स्मॉग गन 75 मीटर से 100 मीटर की दूरी तक जल वाष्प फेंकने की क्षमता वाला होना चाहिए। इसमें हर घंटे अधिकतम 1200 लीटर का शोधित जल ही उपयोग किया जा सकेगा। इन स्मॉग गनों से निकलने वाले जल वाष्प की मोटाई पांच से 20 तक होना चाहिए।
विज्ञापन
सरकार के आदेश के अनुसार, इन स्मॉग गन को वायु प्रदूषण के उच्च दरों वाले समय में (जैसे सुबह, शाम या देर रात के समय) चलाना अनिवार्य होगा। बारिश के दिनों में 15 जून से एक अक्टूबर तक इसे चलाने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। इन स्मॉग गनों से बहुत ज्यादा शोर भी नहीं पैदा होना चाहिए, इसके निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
सभी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मॉल और 3000 वर्ग मीटर से अधिक पर बने होटलों और ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच फ्लोर वाले सभी भवनों पर यह आदेश लागू होगा। इसकी मॉनिटरिंग एमसीडी, डीडीए, एनडीएमसी, सीपीडब्ल्यूडी सहित अन्य संस्थाएं करेंगी और इसकी निगरानी रिपोर्ट हर तिमाही आधार पर जमा करानी होगी। सरकार का अनुमान है कि सात से दस मंजिला इमारतों में ये स्मॉग गन बहुत अच्छा परिणाम देंगे और इससे दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सुधार करने में बहुत मदद मिलेगी।
सबको स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार- मंत्री
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि दिल्ली के हर बच्चे-बुजुर्ग, महिला और अन्य सभी निवासियों को साफ-स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरे साल भर लोगों को साफ हवा मिले, इससे किसी भी तरह समझौता नहीं करने देगी। सबके सहयोग से पूरी दिल्ली की हवा को पूरे साल भर साफ रखने का प्रयास किया जा रहा है। अन्य कदमों के साथ-साथ यह कदम दिल्ली को साफ रखने में कारगर उपाय साबित होगा।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि अब तक एंटी स्मॉग गन लगाने का प्रस्ताव केवल सलाहकारी या सीजनल था। इससे इसका पर्याप्त असर नहीं होता था। निजी भवन मालिक इसे चलाने में इच्छुक नहीं रहते थे। लेकिन अब इसे लगाना और चलाना सबके लिए अनिवार्य होगा। इससे साल भर लोगों को साफ हवा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि साफ हवा में सांस लेने के अधिकार से किसी को वंचित नहीं किया जा सकता।