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दिल्ली हाईकोर्ट: डिजिटल क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म शुरू नहीं हुआ को करेंगे कार्रवाई
Wed, 14 Jul 2021 10:31 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 14 Jul 2021 10:31 PM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार महंगी दवाओं और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के दृष्टिगत क्राउड फंडिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का संचालन करने में विफल रहती है, तो जानबूझकर आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
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विस्तार
उच्च न्यायालय ने कहा कि डिजिटल क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म को 31 मार्च तक संचालित करने के 28 जनवरी के विशिष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक ऐसा नहीं किया गया है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शार्म ने न्यायमूर्ति रेखा पल्ली को बताया कि वह इस बात से अवगत नहीं हैं कि यह प्लेटफॉर्म काम कर रहा है अथवा नहीं ।
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केंद्र सरकार के अधिवक्ता से इस बारे में निर्देश मांगे जाने का आदेश देते हुए न्यायाधीश ने कहा, 'यह अदालत जानबूझ कर आदेश के गैर अनुपालन के लिए कार्रवाई करने के लिये बाध्य होगी।' अदालत ने सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से चेतावनी देते हुए कहा, 'मुझे कहना पड़ेगा कि आप अदालत की अवमानना कर रहे हैं।'
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डचेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डीएमडी) तथा म्युकोपॉलीसेकराइडोसिस-2 अथवा एमपीएस-2 जैसी दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित बच्चों की ओर से दायर विभिन्न याचिकाओं पर अदालत सुनवाई कर रही थी जिसमें केंद्र को उन्हें निर्बाध और मुफ्त इलाज देने का निर्देश दिए जाने की मांग की गई थी क्योंकि यह चिकित्सा बहुत महंगी है।
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इस साल 28 जनवरी को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने अपने फैसले में केंद्र सरकार को दुर्लभ बीमारियों के इलाज व दवाओं के लिए डिजिटल क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म शुरू करने का निर्देश दिया था । अदालत ने यह भी कहा था कि वह 31 मार्च तक नीति को अंतिम रूप देने और डिजिटल प्लेटफॉर्म को चालू करने का निर्देश जारी कर रही है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से एक हलफनामा दायर कर कहा गया था कि दोनों कामों को 31 मार्च तक पूरा कर लिए जाने की संभावना है ।