फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Delhi High Court said Can't Stop Mahua Moitra From Defending Herself In Public

Delhi High Court: 'महुआ मोइत्रा को अपना बचाव करने का हक', जानें हाईकोर्ट ने क्यों और किस मामले में कही ये बात

Tue, 09 Apr 2024 10:36 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 09 Apr 2024 10:36 AM IST
सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि महुआ मोइत्रा को उनके एक मित्र द्वारा सार्वजनिक तौर पर लगाए गए आरोपों के खिलाफ अपना बचाव करने से नहीं रोका जा सकता। 
 

विज्ञापन
Delhi High Court said Can't Stop Mahua Moitra From Defending Herself In Public
Mahua Moitra - फोटो : Social Media

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट पर चुनावी मैदान में हैं। चुनावी अभियान के दौरान लगातार वह अपने लोकसभा से निष्कासन पर बात कर रही हैं। ऐसे में उनके खिलाफ वकील जय अनंत देहाद्राई ने एक याचिका दाखिल की थी, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा उन्हें अपना बचाव करने से नहीं रोका जा सकता।

विज्ञापन


दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि महुआ मोइत्रा को उनके एक मित्र द्वारा सार्वजनिक तौर पर लगाए गए आरोपों के खिलाफ अपना बचाव करने से नहीं रोका जा सकता। 
विज्ञापन


देहाद्राई की एक याचिका पर हाईकोर्ट
पीठ ने वकील देहाद्राई की एक याचिका का निस्तारण करते हुए मौखिक टिप्पणी की। वकील ने लोकसभा से निष्कासित सदस्य महुआ को उनके खिलाफ अपमानजनक बयान देने से रोकने के लिए अंतरिम आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। देहाद्राई ने मोइत्रा के खिलाफ धन लेकर सवाल पूछने के मामले में उनके खिलाफ कुछ कथित मानहानिकारक बयान देने के लिए दो करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए मुकदमा दायर किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोइत्रा को वादी के इन आरोपों के बाद आठ दिसंबर को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था कि उन्होंने संसद में प्रश्न पूछने के लिए व्यवसायी और हीरानंदानी समूह के सीईओ दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत ली थी।

झूठे बयान नहीं दे सकतीं
न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि आपने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए तो उन्हें अपना बचाव करने का पूरा अधिकार है। केवल इस स्थिति को छोड़कर कि वह किसी उद्देश्यपूर्ण तरीके से झूठे बयान नहीं दे सकतीं। यदि दोनों पक्ष कहते हैं कि हम इस लड़ाई को सार्वजनिक क्षेत्र में नहीं रखेंगे तो यह एक अलग बात है। लेकिन यदि आप सार्वजनिक टिप्पणी कर रहे हैं, तो उन्हें भी अपना बचाव करने के लिए मौका मिलना चाहिए।


अदालत ने कहा, 'दोनों के बीच पिछले संबंधों की प्रकृति को देखते हुए, यह सोचना सामान्य है कि दूसरा व्यक्ति गलत था लेकिन पार्टियों ने सार्वजनिक चर्चा को बेहद निचले स्तर पर ला दिया है। किसी के खिलाफ असत्य बयान देने के लिए, हमें उसके खिलाफ निषेधाज्ञा पारित करनी होगी। मैं उनसे अच्छी समझ की अपील कर रहा हूं। दोनों पक्ष शिक्षित हैं।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed