Rana Kapoor Bail: यस बैंक घोटाले में राणा कपूर को जमानत, 466 करोड़ के मनी लॉड्रिंग केस में किया था गिरफ्तार
ईडी यस बैंक से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले की जांच कर रहा है। राणा कपूर पर पद के दुरुपयोग करने और अपने परिवार को लाभ पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में सीबीआई ने मार्च 2020 में धोखाधड़ी व आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया था।
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने आज यस बैंक के पूर्व एमडी व सीईओ राणा कपूर को नियमित जमानत दे दी। कपूर को 466.51 करोड़ रुपये के मनी लॉड्रिंग मामले में ईडी ने 2020 में गिरफ्तार किया था।
ईडी यस बैंक से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले की जांच कर रहा है। पूर्व एमडी व सीईओ राणा कपूर पर पद के दुरुपयोग करने और अपने परिवार को लाभ पहुंचाने का आरोप है। इस मामले में सीबीआई ने मार्च 2020 में धोखाधड़ी व आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया था। इसी आधार पर ईडी ने भी उनके खिलाफ मनी लॉड्रिंग का केस दर्ज किया है।
Delhi High Court grants bail to Former Managing Director and CEO of YES Bank Rana Kapoor in Rs 466.51-crore money laundering case being probed by Enforcement Directorate.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 25, 2022
सीबीआई ने कपूर व अवंता समूह के प्रवर्तक गौतम थापर के खिलाफ सितंबर में धोखाधड़ी के मामले में आरोप पत्र दायर किया था। हालांकि, पिछले साल 2 जून को दायर एफआईआर में कपूर का नाम संदिग्ध के तौर पर शामिल नहीं था। इसके बाद घोटाले की जांच में उनका नाम उभरा था। कपूर पर आरोप है कि भारी मात्रा में कर्ज मंजूर करने के एवज में ली गई रिश्वत की राशि उनके परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियों में लगाई गई।
आरोप है कि कपूर के अनुचित कार्यों की वजह से यस बैंक को 466 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा। हाईकोर्ट के जस्टिस सुधीर कुमार जैन ने राणा कपूर द्वारा दायर जमानत याचिका मंजूर कर ली। कपूर को निचली अदालत ने यह कह कर जमानत देने से इनकार कर दिया था कि उन पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं। हालांकि, निचली कोर्ट ने 15 अन्य सह आरोपियों को जमानत दे दी थी।
निचली कोर्ट ने पिछले साल अक्तूबर में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में यस बैंक के राणा कपूर और कई कर्मचारियों से जुड़े अवंता समूह के प्रमोटर गौतम थापर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) चार्जशीट का संज्ञान लिया था। ईडी के मुताबिक, गौतम थापर, अवंता रियल्टी लिमिटेड, ऑयस्टर बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक ईसीआईआर दर्ज की गई थी। इसमें 2017 से 2019 की अवधि के दौरान सार्वजनिक धन की हेराफेरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी के आरोप लगाए गए थे।