सोनिया-राहुल, ओवैसी समेत कई नेताओं पर भड़काऊ भाषण का आरोप, कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी, उनके भाई अकबरुद्दीन ओवैसी, पूर्व विधायक वारिस पठान और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई की। अदालत ने इसपर केंद्र, दिल्ली सरकार और पुलिस से जवाब मांगते हुए नोटिस जारी किया है।
संबंधी याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषण देने के मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली याचिका पर शुक्रवार को केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने याचिका पर गृह मंत्रालय, दिल्ली सरकार और पुलिस को नोटिस जारी किया।
याचिका में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आप के विधायक अमानतुल्ला खान, एआईएमआईएम नेताओं वारिस पठान और अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग की गई है। याचिका में कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषणों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित किए जाने की भी मांग की गई है।
स्वरा भास्कर, अमानतुल्ला खान के खिलाफ याचिका
अदालत ने एक अन्य वकील की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। जिसमें एक वकील ने सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर, आरजे साईमा, फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर, अमानतुल्ला खान (आप पार्टी) के खिलाफ आईपीसी और आईटी अधिनियम की उपयुक्त धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने और एनआईए को दिल्ली हिंसा में जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।
Delhi HC also issues notice to Centre on another plea filed by an advocate seeking FIR against social activist Harsh Mander, RJ Sayema,Swara Bhaskar, Amantullah Khan(AAP Party) under appropriate IPCs & IT Act and directions to NIA to conduct an investigation into Delhi violence. https://t.co/cF07UmLU3C
— ANI (@ANI) February 28, 2020
सीएए विरोधी रैली में फंडिंग का पता लगाने के लिए याचिका
दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र और दिल्ली सरकार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है। याचिका में देश विरोधी ताकतों की जांच और पहचान करने और सीएए विरोधी प्रदर्शन के पीछे की फंडिंग के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। न्यायालय ने दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, चुनाव आयोग की मीडिया प्रमाणन और निगरानी समिति (एमसीएमसी) और रिटर्निंग अधिकारी को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। मामले को सुनवाई के लिए 19 मई को सूचीबद्ध किया गया है।