{"_id":"5a40469e4f1c1bcd6d8b5f9e","slug":"delhi-government-in-preparation-for-introduction-of-premium-buses","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर प्रीमियम बसें लाने की तैयारी में दिल्ली सरकार ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
फिर प्रीमियम बसें लाने की तैयारी में दिल्ली सरकार
अमर उजाला ब्यूरो / नई दिल्ली
Updated Mon, 25 Dec 2017 06:00 AM IST
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दिल्ली सरकार ने एक बार फिर सड़क पर प्रीमियम बसें लाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार निजी ऑपरेटर्स की मदद से यह बसें सड़क पर लाएगी। ये क्लस्टर बस स्कीम के तहत चलेंगी। इन वातानुकूलित बसों की सीट की बुकिंग मोबाइल ऐप के जरिए होगी। इसमें सफर करने वाले सभी लोगों को सीट मिलेगी।
सड़क पर बसों की कम संख्या और नई बसें में आने में लगने वाले समय को देखते हुए सरकार निजी ऑपरेटर्स के साथ मिलकर प्रीमियम बस सड़क पर उतारना चाहती है। यह बसें अलग-अलग रूट पर चलेंगी। रूट सरकार तय करेगी। इसके लिए सरकार उन्हें अलग से स्टेज कैरिज परमिट देगी। इन प्रीमियम बसों को लेकर लेकर कुछ निजी ऑपरेटर्स के साथ सरकार की कुछ बैठकें भी हो चुकी हैं।
पढ़ें- प्रीमियम बस मामले में अब अन्य आप नेताओं से एसीबी करेगी पूछताछ
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चूकि बसें वातानुकूलित होंगी, इनमें खड़े होकर सफर नहीं किया जा सकेगा। यात्री को सीट बुक होने पर ही किराया देना होगा। इसके चलते मौजूदा डीटीसी व क्लस्टर बसों से इनका किराया ज्यादा होगा। बसें दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल सिस्टम (डिम्ट्स) की देखरेख में चलेंगी। सभी का अलग-अलग रूट होगा। रखरखाव की जिम्मेदारी निजी बस ऑपरेटर्स खुद उठाएंगे।
बताते चलें कि दिल्ली सरकार इस योजना को लाकर सड़क पर बसों की संख्या बढ़ाना चाहती है। इसके साथ ही अच्छी सेवा देकर जनता का दिल भी जीतना चाहती है। वर्तमान में दिल्ली को कम से कम 11 हजार बसों की जरूरत है। 5500 बसें डीटीसी में और 5500 बसें क्लस्टर स्कीम में। डीटीसी के पास महज 3944 बसें हैं और क्लस्टर स्कीम में महज 1650 बसें चल रही हैं।
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सड़क पर बसों की कम संख्या और नई बसें में आने में लगने वाले समय को देखते हुए सरकार निजी ऑपरेटर्स के साथ मिलकर प्रीमियम बस सड़क पर उतारना चाहती है। यह बसें अलग-अलग रूट पर चलेंगी। रूट सरकार तय करेगी। इसके लिए सरकार उन्हें अलग से स्टेज कैरिज परमिट देगी। इन प्रीमियम बसों को लेकर लेकर कुछ निजी ऑपरेटर्स के साथ सरकार की कुछ बैठकें भी हो चुकी हैं।
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चूकि बसें वातानुकूलित होंगी, इनमें खड़े होकर सफर नहीं किया जा सकेगा। यात्री को सीट बुक होने पर ही किराया देना होगा। इसके चलते मौजूदा डीटीसी व क्लस्टर बसों से इनका किराया ज्यादा होगा। बसें दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल सिस्टम (डिम्ट्स) की देखरेख में चलेंगी। सभी का अलग-अलग रूट होगा। रखरखाव की जिम्मेदारी निजी बस ऑपरेटर्स खुद उठाएंगे।
बताते चलें कि दिल्ली सरकार इस योजना को लाकर सड़क पर बसों की संख्या बढ़ाना चाहती है। इसके साथ ही अच्छी सेवा देकर जनता का दिल भी जीतना चाहती है। वर्तमान में दिल्ली को कम से कम 11 हजार बसों की जरूरत है। 5500 बसें डीटीसी में और 5500 बसें क्लस्टर स्कीम में। डीटीसी के पास महज 3944 बसें हैं और क्लस्टर स्कीम में महज 1650 बसें चल रही हैं।