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Delhi Result Record: पहली बार दिल्ली में 40 फीसदी से अधिक वोट पाने वाली पार्टी को मात; नहीं लगा आप का चौका
Sun, 09 Feb 2025 05:53 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
हिमांशु मिश्र
हिमांशु मिश्र
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 09 Feb 2025 05:53 AM IST
सार
दिल्ली के चुनावी इतिहास में महज एक बार ही मतदाताओं ने त्रिशंकु जनादेश दिया। पहली बार मैदान में उतरी आप ने तस्वीर बदल कर रख दी। तब एक भी दल 40 फीसदी वोटों का आंकड़ा पार करने में विफल रहा।
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अरविंद केजरीवाल और पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI/X@arvindkejriwal
विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी की करारी हार के साथ वोट प्रतिशत से जुड़ी गारंटी का रिकॉर्ड भी टूटा। दिल्ली में अब तक हुए नौ विधानसभा चुनावों में 40 फीसदी से अधिक वोट जीत की गारंटी होते थे, लेकिन पहली बार आप 43.57 फीसदी वोट के बाद भी सत्ता हासिल नहीं पाई। भाजपा ने आप से दो फीसदी अधिक 45.56 फीसदी वोट हासिल कर मैदान मार लिया।
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बीते आठ विधानसभा चुनाव की बात करें तो हर चुनाव में 40 फीसदी से अधिक वोट लाने वाले दल की सरकार बनी है। मसलन 1993 में पहली बार जीत का स्वाद चखने वाली भाजपा को 47.83 फीसदी वोट और 49 सीटें मिली थी। उसके बाद साल 1998, 2003, 2008 में सत्ता कांग्रेस के हाथ रही। इन चुनावों में कांग्रेस को क्रमश: 47.76 फीसदी, 48.13 फीसदी और 40.31 फीसदी वोट मिले। इस दौरान उसे लगातार तीन बार बहुमत मिला। उसकी सीटों की संख्या क्रमश: 49, 47 और 43 रही।
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एक बार कम वोट मिलने पर त्रिशंकु जनादेश
दिल्ली के चुनावी इतिहास में महज एक बार ही मतदाताओं ने त्रिशंकु जनादेश दिया। पहली बार मैदान में उतरी आप ने तस्वीर बदल कर रख दी। तब एक भी दल 40 फीसदी वोटों का आंकड़ा पार करने में विफल रहा। 2013 के इस चुनाव में भाजपा को 33 फीसदी वोट और 32 सीटें, कांग्रेस को 24.6 फीसदी वोट और 8 सीटें तो आप को 29.5 फीसदी वोट और 28 सीटें मिली थी। तब कांग्रेस ने केजरीवाल को बाहर से समर्थन दिया था, मगर यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई।
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बाद में भी कायम रहा यही ट्रेंड
2013 के बाद हुए तीन चुनाव में भी सत्ता के लिए 40 फीसदी से अधिक वोट हासिल करने का ट्रेंड कायम रहा है। 2015 के चुनाव में आप ने 54.3 फीसदी वोट के साथ 67 सीटें जीत कर कीर्तिमान बनाया था। 2020 के चुनाव में आप ने एक बार फिर से 50 फीसदी वोट पार करने का कारनामा दोहराया और 62 सीटों के साथ इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
पहली बार दो दलों को 40 फीसदी से अधिक वोट
दिल्ली में इस बार भाजपा को 45.56 फीसदी वोट और 48 सीटें तो आप को 43.57 फीसदी वोट के साथ महज 22 सीटें मिली। यह पहला मौका है जब दो दलों ने 40 फीसदी से अधिक वोट हासिल किया है।
- लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को कई मौकों पर 50 फीसदी से ज्यादा वोट मिलते रहे हैं। हालांकि विधानसभा चुनाव में आप दो बार ऐसा कारनामा करने वाली पहली पार्टी है।