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Manish Sisodia: छापेमारी पर बिफरे सिसोदिया, भाजपा ने अब मोहल्ला क्लिनिक की फंडिंग पर घेरा
Sun, 15 Jan 2023 10:03 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 15 Jan 2023 10:03 PM IST
सार
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर एक्साइज ड्यूटी में बदलाव कर व्यापारियों से कमीशन के जरिए सैकड़ों करोड़ रूपये कमाने का आरोप है।
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मनीष सिसोदिया, डिप्टी सीएम
- फोटो : एएनआई
विस्तार
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को ट्वीट कर कहा था कि उनके कार्यालय पर सीबीआई की टीम पहुंच चुकी है।उन्होंने कहा कि उनके घर, गांव और ऑफिस में सीबीआई की रेड कराई गई, लेकिन उनके खिलाफ कुछ नहीं मिला है। सिसोदिया के इस ट्वीट के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई और लगा कि एक बार फिर दिल्ली की राजनीति में 'केजरीवाल बनाम सीबीआई' का खेल शुरू हो गया है। लेकिन बाद में पता चला कि सीबीआई ने सिसोदिया के यहां कोई छापा नहीं मारा था। प्रश्न है कि जब सीबीआई ने कोई छापेमारी नहीं की थी तो उपमुख्यमंत्री ने इस तरह का बयान क्यों दिया? भाजपा ने इसे सनसनी पैदा कर सहानुभूति पाने की कोशिश बताया है।
क्या हुआ था?
दरअसल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर एक्साइज ड्यूटी में बदलाव कर व्यापारियों से कमीशन के जरिए सैकड़ों करोड़ रूपये कमाने का आरोप है। इस मामले में जांच जारी है और सीबीआई ने इस मामले में मनीष सिसोदिया के घर-कार्यालय सहित दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना सहित कई राज्यों में छापेमारी की है। सीबीआई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में मनीष सिसोदिया को इस घोटाले का आरोपी नंबर वन बनाया गया है।
दरअसल, इसी मामले में सीआरपीसी की धारा 91 के तहत सिसोदिया को नोटिस जारी कर कुछ दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा गया था। इस मामले में दस्तावेज जमा कराने के लिए आरोपी की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होती। जानकारी के मुताबिक, कुछ अधिकारियों की टीम यही दस्तावेज एकत्र करने के लिए मनीष सिसोदिया के घर पर गई थी जिसे उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दिया। इससे इसे 'छापेमारी' समझ लिया गया था।
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भाजपा ने किया हमला
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने अमर उजाला से कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके नेता हमेशा सनसनी पैदा कर सुर्खियों में रहने और विक्टिम कार्ड खेल कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते आए हैं। इसके पहले भी अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने बार-बार यह बताने की कोशिश की कि सीबीआई उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। क्या यह बिना किसी आधार के एक सर्वोच्च जांच एजेंसी को बदनाम करने की कोशिश नहीं है? इसके लिए सिसोदिया पर केस दायर होना चाहिए कि वे बार-बार बिना किसी आधार के जांच एजेंसी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
अब मोहल्ला क्लीनिक पर गरमाई राजनीति
इस मामले के तुरंत बाद मनीष सिसोदिया ने मोहल्ला क्लीनिक पर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। रविवार को उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने जानबूझकर नगर निगम चुनाव के पहले मोहल्ला क्लीनिक का फंड रोक दिया जबकि इन मोहल्ला क्लीनिकों में हर महीने लाखों लोग इलाज कराते हैं। उन्होंने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर ऐसे अधिकारियों की पहचान कर उन्हें निलंबित करने की मांग की है।
नाकामी न छिपाएं सिसोदिया- भाजपा
नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि मनीष सिसोदिया मोहल्ला क्लीनिक का फंड रोकने की बात कहकर इनकी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहल्ला क्लीनिक अरविंद केजरीवाल सरकार की सबसे बड़ी विफलता के रूप में सामने आए हैं। जगह-जगह पर मोहल्ला क्लीनिक खुले पड़े रहते हैं और उनमें आवारा पशु बैठे रहते हैं। कुछ जगहों पर मोहल्ला क्लीनिक काम भी कर रहे हैं तो उसके कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है।
कोरोना काल में भी यह साफ हो गया था कि ये मोहल्ला क्लीनिक लोगों को प्राथमिक स्तर का उपचार देने या टीका लगाने तक में असफल साबित हुए। उन्होंने कहा कि अपनी इन नाकामियों को छिपाने के लिए दिल्ली सरकार फंड रोकने की बात कह रही है, जबकि इसकी सच्चाई दिल्ली की जनता जानती है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को अब विक्टिम कार्ड खेलना बंद कर जनता की सेवा करने पर ध्यान देना चाहिए।
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क्या हुआ था?
दरअसल, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर एक्साइज ड्यूटी में बदलाव कर व्यापारियों से कमीशन के जरिए सैकड़ों करोड़ रूपये कमाने का आरोप है। इस मामले में जांच जारी है और सीबीआई ने इस मामले में मनीष सिसोदिया के घर-कार्यालय सहित दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना सहित कई राज्यों में छापेमारी की है। सीबीआई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में मनीष सिसोदिया को इस घोटाले का आरोपी नंबर वन बनाया गया है।
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दरअसल, इसी मामले में सीआरपीसी की धारा 91 के तहत सिसोदिया को नोटिस जारी कर कुछ दस्तावेज जमा कराने के लिए कहा गया था। इस मामले में दस्तावेज जमा कराने के लिए आरोपी की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होती। जानकारी के मुताबिक, कुछ अधिकारियों की टीम यही दस्तावेज एकत्र करने के लिए मनीष सिसोदिया के घर पर गई थी जिसे उपमुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दिया। इससे इसे 'छापेमारी' समझ लिया गया था।
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भाजपा ने किया हमला
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता नेहा शालिनी दुआ ने अमर उजाला से कहा कि आम आदमी पार्टी और उसके नेता हमेशा सनसनी पैदा कर सुर्खियों में रहने और विक्टिम कार्ड खेल कर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करते आए हैं। इसके पहले भी अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने बार-बार यह बताने की कोशिश की कि सीबीआई उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। क्या यह बिना किसी आधार के एक सर्वोच्च जांच एजेंसी को बदनाम करने की कोशिश नहीं है? इसके लिए सिसोदिया पर केस दायर होना चाहिए कि वे बार-बार बिना किसी आधार के जांच एजेंसी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
अब मोहल्ला क्लीनिक पर गरमाई राजनीति
इस मामले के तुरंत बाद मनीष सिसोदिया ने मोहल्ला क्लीनिक पर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। रविवार को उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों ने जानबूझकर नगर निगम चुनाव के पहले मोहल्ला क्लीनिक का फंड रोक दिया जबकि इन मोहल्ला क्लीनिकों में हर महीने लाखों लोग इलाज कराते हैं। उन्होंने उपराज्यपाल को पत्र लिखकर ऐसे अधिकारियों की पहचान कर उन्हें निलंबित करने की मांग की है।
नाकामी न छिपाएं सिसोदिया- भाजपा
नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि मनीष सिसोदिया मोहल्ला क्लीनिक का फंड रोकने की बात कहकर इनकी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहल्ला क्लीनिक अरविंद केजरीवाल सरकार की सबसे बड़ी विफलता के रूप में सामने आए हैं। जगह-जगह पर मोहल्ला क्लीनिक खुले पड़े रहते हैं और उनमें आवारा पशु बैठे रहते हैं। कुछ जगहों पर मोहल्ला क्लीनिक काम भी कर रहे हैं तो उसके कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है।
कोरोना काल में भी यह साफ हो गया था कि ये मोहल्ला क्लीनिक लोगों को प्राथमिक स्तर का उपचार देने या टीका लगाने तक में असफल साबित हुए। उन्होंने कहा कि अपनी इन नाकामियों को छिपाने के लिए दिल्ली सरकार फंड रोकने की बात कह रही है, जबकि इसकी सच्चाई दिल्ली की जनता जानती है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को अब विक्टिम कार्ड खेलना बंद कर जनता की सेवा करने पर ध्यान देना चाहिए।