Politics: उद्धव ठाकरे से मिले दिल्ली सीएम केजरीवाल, केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ AAP को मिला समर्थन
आप नेताओं ने आगे बताया कि केजरीवाल की मुंबई यात्रा के दौरान पंजाब सीएम भगवंत मान भी साथ रहेंगे। उद्धव ठाकरे और केजरीवाल ठाकरे के आवास पर ही मुलाकात करेंगे। बैठक के दौरान आप सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा के साथ-साथ दिल्ली की केबिनट मंत्री आतिशी भी मौजूद रहेंगी।
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दिल्ली सरकार और एलजी के बीच खींचतान की खबरें लगातार सुर्खियों में रहती है। दिल्ली में नौकरशाहों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार एलजी को दिए जाने के केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ बवाल मचा हुआ है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अब विपक्षी नेताओं के समर्थन के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसी सिलसिले में बुधवार को दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। केजरीवाल की मुंबई यात्रा के दौरान पंजाब सीएम भगवंत मान, आप सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा के साथ-साथ दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी भी मौजूद रहीं।
मुंबई के उपनगर बांद्रा में उद्धव से उनके आवास मातोश्री में मुलाकात के बाद केजरीवाल ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि दिल्ली में नियुक्ति-तबादला अधिकार पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ 'आप' को शिवसेना (यूबीटी) का साथ मिल गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सेवाओं पर अध्यादेश जारी करने से साफ हो गया है कि केंद्र को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र ने सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर महाराष्ट्र में उद्धव के नेतृत्व वाली सरकार को गिराया था। केजरीवाल ने कहा, अध्यादेश के जरिये केंद्र ने दिल्ली को मिले अधिकार छीन लिए हैं। उद्धव ठाकरे ने इसे राज्यसभा में पेश किए जाने पर दिल्ली की जनता का साथ देने का वादा किया है।
वहीं, उद्धव ने कहा, लोकतंत्र के लिए सुप्रीम कोर्ट का आदेश महत्वपूर्ण है। हम लोकतंत्र विरोधी ताकतों को पराजित करने के लिए साथ आए हैं। अगर हम इस बार ट्रेन पकड़ने से चूक जाते हैं तो देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। हम देश और संविधान को बचाने के लिए साथ आए हैं।
राज्यसभा में शिवसेना (यूबीटी) के तीन सदस्य हैं। केजरीवाल गुरुवार को एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से भी मुलाकात करेंगे। बता दें, केजरीवाल ने मंगलवार को ममता बनर्जी से भी मुलाकात की थी।
विपक्ष का मांगा समर्थन
केजरीवाल ने मंगलवार से देशव्यापी दौरे की शुरुआत की है। केजरीवाल नौकरशाहों के ट्रांसफर और पोस्टिंग पर केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ विपक्षी नेताओं का समर्थन मांगने के लिए दौरे कर रहे हैं। दिल्ली के सीएम ने दिल्ली की जनता के अधिकार छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि अध्यादेश को राज्यसभा में पारित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 में संशोधन करने के लिए अध्यादेश लाया गया था। अध्यादेश सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को दरकिनार करता है।
ममता ने भी की थी अपील
मंगलवार को केजरीवाल से मुलाकात करने के थोड़ी देर बाद ही सीएम ममता बनर्जी ने विपक्षी पार्टियों से अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी कोे अध्यादेश का विरोध करना चाहिए। ममता ने कहा कि देश को सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही बचा सकता है। ममता का कहना है कि केंद्र न्यायपालिका सहित सभी एजेंसियों को नियंत्रित करना चाहता है। मेरी अपील है कि सभी विपक्षी दल से अध्यादेश का विरोध करें, मेरी पार्टी ने अध्यादेश का विरोध करने का फैसला किया है। हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी केजरीवाल से मुलाकात की थी।