{"_id":"68177e17dd0309ee8e045f28","slug":"delhi-children-studying-under-the-damaged-tricolor-leaders-are-not-paying-attention-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: क्षतिग्रस्त तिरंगे के नीचे पढ़ रहे बच्चे, नेताओं का नहीं जा रहा ध्यान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Delhi: क्षतिग्रस्त तिरंगे के नीचे पढ़ रहे बच्चे, नेताओं का नहीं जा रहा ध्यान
Sun, 04 May 2025 08:18 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 04 May 2025 08:18 PM IST
सार
पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर में स्थित राजकीय सर्वोदय कन्या/बाल विद्यालय में लगाया गया तिरंगा कई जगह से फटा हुआ है, लेकिन स्कूल प्रशासन से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि तक इससे बेखबर हैं।
विज्ञापन
भारतीय झंडा
- फोटो : एआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश का खून खौल रहा है। जनता से लेकर नेता तक पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात कर रहे हैं। देश के प्रति उमड़ते इस प्रेम के बीच दिल्ली में जगह-जगह फटे तिरंगे लहरा रहे हैं, लेकिन उन्हें सम्मान पूर्वक उतारने और उनके स्थान पर नए तिरंगे लगाने के प्रति किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर में स्थित राजकीय सर्वोदय कन्या/बाल विद्यालय में लगाया गया तिरंगा कई जगह से फटा हुआ है, लेकिन स्कूल प्रशासन से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि तक इससे बेखबर हैं।
एक स्थानीय निवासी चंदन मिश्रा ने अमर उजाला को बताया कि यह तिरंगा महीनों से इसी तरह फटा हुआ है। स्कूल में बच्चे प्रतिदिन पढ़ने के लिए भी आ रहे हैं और स्कूल प्रशासन के लोग भी रोज इस तिरंगे को देख रहे हैं। लेकिन अभी तक फटे तिरंगे को सम्मान पूर्वक उतारने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वंदना तिवारी ने बताया कि यह केवल एक स्थान की बात नहीं है। दिल्ली में कई स्थानों पर लगाए गए तिरंगे बीच-बीच में फट गए हैं, लेकिन उन्हें बदला नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
अमर उजाला ने राजकीय सर्वोदय कन्या/बाल विद्यालय के कर्मचारियों से इसकी बाबत बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी भी कर्मचारी ने इस पर बात करने से इनकार कर दिया। एक कर्मचारी ने कहा कि तिरंगे झंडों की ऊंचाई बहुत अधिक होने के कारण स्कूल के स्तर पर इन्हें बदलना संभव नहीं है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
दिल्ली में जगह-जगह लगाए गए थे तिरंगे
दिल्ली में भाजपा के पहले आम आदमी पार्टी की सरकार थी। आम आदमी पार्टी और इसके नेता अरविंद केजरीवाल राष्ट्रवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह भाजपा से कमजोर नहीं दिखना चाहते थे। इसी कोशिश में देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर 15 अगस्त 2021 को आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली में 500 स्थानों पर बड़े ऊंचे खंभों पर तिरंगे लगाने का काम शुरू किया था। इन तिरंगे झंडों की ऊंचाई 115 फीट तय की गई थी। तत्कालीन सरकार ने उस वर्ष पेश बजट को 'देशभक्ति बजट' करार दिया था। इसमें 45 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान दिल्ली में जगह-जगह तिरंगे झंडों को लगाने के लिए निर्धारित किया गया था। हर तिरंगे झंडे को लगाने पर नौ लाख रूपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया था। सरकार ने दावा किया था कि मार्च 2023 तक दिल्ली में 500 तिरंगे लगाए जा चुके हैं। सरकार का दावा था कि जब स्थानीय लोग इन रास्तों से गुजरते हुए लहराते हुए तिरंगों को देखेंगे तो उनके अंदर देशभक्ति की भावना का संचार होगा। फिलहाल, अब देश की शान का प्रतीक समझे जाने वाले इन तिरंगे झंडों के रखरखाव पर किसी का ध्यान नहीं है।
विज्ञापन
एक स्थानीय निवासी चंदन मिश्रा ने अमर उजाला को बताया कि यह तिरंगा महीनों से इसी तरह फटा हुआ है। स्कूल में बच्चे प्रतिदिन पढ़ने के लिए भी आ रहे हैं और स्कूल प्रशासन के लोग भी रोज इस तिरंगे को देख रहे हैं। लेकिन अभी तक फटे तिरंगे को सम्मान पूर्वक उतारने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वंदना तिवारी ने बताया कि यह केवल एक स्थान की बात नहीं है। दिल्ली में कई स्थानों पर लगाए गए तिरंगे बीच-बीच में फट गए हैं, लेकिन उन्हें बदला नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
अमर उजाला ने राजकीय सर्वोदय कन्या/बाल विद्यालय के कर्मचारियों से इसकी बाबत बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी भी कर्मचारी ने इस पर बात करने से इनकार कर दिया। एक कर्मचारी ने कहा कि तिरंगे झंडों की ऊंचाई बहुत अधिक होने के कारण स्कूल के स्तर पर इन्हें बदलना संभव नहीं है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।
विज्ञापन
दिल्ली में जगह-जगह लगाए गए थे तिरंगे
दिल्ली में भाजपा के पहले आम आदमी पार्टी की सरकार थी। आम आदमी पार्टी और इसके नेता अरविंद केजरीवाल राष्ट्रवाद के मुद्दे पर किसी भी तरह भाजपा से कमजोर नहीं दिखना चाहते थे। इसी कोशिश में देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर 15 अगस्त 2021 को आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली में 500 स्थानों पर बड़े ऊंचे खंभों पर तिरंगे लगाने का काम शुरू किया था। इन तिरंगे झंडों की ऊंचाई 115 फीट तय की गई थी। तत्कालीन सरकार ने उस वर्ष पेश बजट को 'देशभक्ति बजट' करार दिया था। इसमें 45 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान दिल्ली में जगह-जगह तिरंगे झंडों को लगाने के लिए निर्धारित किया गया था। हर तिरंगे झंडे को लगाने पर नौ लाख रूपये की लागत आने का अनुमान लगाया गया था। सरकार ने दावा किया था कि मार्च 2023 तक दिल्ली में 500 तिरंगे लगाए जा चुके हैं। सरकार का दावा था कि जब स्थानीय लोग इन रास्तों से गुजरते हुए लहराते हुए तिरंगों को देखेंगे तो उनके अंदर देशभक्ति की भावना का संचार होगा। फिलहाल, अब देश की शान का प्रतीक समझे जाने वाले इन तिरंगे झंडों के रखरखाव पर किसी का ध्यान नहीं है।