रविवार को अमित शाह दिल्ली के भाजपा कार्यकर्ताओं में फूकेंगे जान, अनुशासन पर कर सकते हैं आगाह
- बूथ है तो सबकुछ है
- नेताओं ने पूरी ताकत झोंकी
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विस्तार
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह माइक्रो लेवल पर संगठन को धार देकर चुनाव जीतने की कला में पारंगत हैं। उनका मानना है कि पन्ना प्रमुख और बूथ प्रबंधक यदि कमर कस लें, तो आधा चुनाव पार्टी जीत जाती है। इसलिए इस विंग पर हमेशा विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। समझा जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष पार्टी के कार्यकर्ताओं में यही जोश जगाने वाले हैं। शाह की एक खासियत और है कि वह मंच से ही पार्टी की राजनीति की दिशा भी तय कर देते हैं।
साथ ही, इतना ही कार्यकर्ताओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसका खुला संदेश देते हैं। यही कारण है कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान भाजपा सांगठनिक स्तर पर काफी मजबूत हुई है। पार्टी में अनुशासन भी बना हुआ है। अमित शाह अनुशासन के मामले में भी पार्टी के नेताओं को आगाह कर सकते हैं।
भाजपा के सामने चुनौती
दिल्ली में भाजपा के सामने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार का पांच साल का कार्यकाल बड़ी चुनौती है। आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री केजरीवाल लगातार जनता के बीच में अपने काम को गिनाते हुए जा रहे हैं। अभी से आटो रिक्शा पर 200 यूनिट तक का बिजली बिल जीरो का संदेश चल निकला है। मुफ्त पानी, मुफ्त वाई-फाई समेत तमाम कार्यों को गिनाकर आम आदमी पार्टी एक खास आय वर्ग के लोगों तक पकड़ मजबूत करती जा रही है।
आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार के काम की तुलना केन्द्र सरकार के कार्यों से करके उस पर तंज भी कस रही है। वहीं शीला दीक्षित के निधन के बाद अभी भी कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूत पकड़ बनाती नहीं दिखाई दे रही है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि इसके कारण भाजपा के सामने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव कठिन पहेली बनता जा रहा है।
चुनाव की घोषणा कभी भी
दिल्ली में इसी महीने विधानसभा चुनावों की घोषणा होनी है। सूत्र बताते हैं कि यह घोषणा सोमवार छह जनवरी को होने के आसार हैं। 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को दिल्ली में काफी उम्मीद थी, लेकिन नतीजे बेहद चौकाने वाले आए थे। भाजपा को सात लोकसभा सीटें जिताने वाले दिल्ली वासियों ने विधानसभा में उसके हिस्से में केवल तीन सीट दी थीं। कांग्रेस पार्टी का तो खाता ही नहीं खुला था। लोकसभा चुनाव 2019 में भी दिल्ली वासियों ने सातों सीट से फिर भाजपा की झोली भर दी थीं।