PM मोदी से मिले अमेरिकी रक्षा मंत्री, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर हुई बातचीत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मेटिस के बीच भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए समग्र बातचीत हुई। इस बातचीत में भारत को रक्षा टेक्नोलॉजी सप्लाई करने का मामला भी शामिल था।
मंगलवार को दिल्ली में अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मेटिस के साथ हुई बातचीत में निर्मला ने भारत का पक्ष रखा। दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच हुई मुलाकात में इस बात पर सहमति बनी कि आतंकवाद के पनाह देने वालों को किसी भी सूरत में कहीं भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही इस मुलाकात में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर कई अहम फैसले लिए गए।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अफगानिस्तान में शांति स्थापित करने के लिए भारत से मदद मांगी थी। ट्रंप के इस बयान के मद्देनजर निर्मला का यह बयान अहम माना जा रहा है। ट्रंप सरकार के गठन के बाद मेटिस अमेरिकी सरकार के पहले कैबिनेट मंत्री हैं जो भारत के दौरे पर हैं।
मोदी से मिले मेटिस
तीन दिन की यात्रा पर आए मेटिस ने बाद में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत औैर अमेरिका के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की। दोनों के बीच शांति, स्थिरता और आतंकवाद से मुकाबले के संबंध में विचार-विमर्श हुआ। मेटिस ने मोदी को द्विपक्षीय एजेंडों की प्रगति और यात्रा के दौरान लिए गए फैसलों को लागू किए जाने के बारे में बात की।
मेटिस ने वादा किया है कि वह अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान वहां की सरकार से आंतक को पनाह देने से जुड़े मुद्दे पर बात करेंगे। निर्मला के मुताबिक, भारत और अमेरिका दोनों, आतंकवाद से समान रुप से प्रभावित हैं। निर्मला ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में कई अहम करार हुए हैं। अब इसे आगे के सहयोग के लिए दोनों देश तत्पर हैं।
एफ-16 और एफ-18 लड़ाकू विमानों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा
दोनों ने भारत-अमेरिका के बीच के संबंधों में रक्षा सहयोग को अहम बताते हुए दोनों सेनाओं के बीच अतिरिक्त और विशेष अभ्यासों की संभावना तलाशी। इस वक्त दोनों देशों की सेना युद्धाभ्यास 2017 के नाम से संयुक्त मिलिट्री ड्रील कर रही है। बंगाल की खाड़ी में दोनों देश मालाबार 2017 में हिस्सा ले चुके हैं। इसमें जापान भी साझीदार है।
सीतारमण और मेटिस की मुलाकात के बाद हालांकि किसी रक्षा सौदे की घोषणा नहीं की गई लेकिन सूत्रों का कहना है कि मेक इन इंडिया अभियान के तहत अमेरिका एफ-16 और एफ-18ए लड़ाकू विमानों से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर बातचीत हुई। डिफेंस टेक्नोलॉजी एंड ट्रेड इनिशिएटिव यानी डीटीटीआई के तहत रक्षा परियोजनाओं की पहचान की कवायद भी हुई।
गौरतलब है कि अमेरिका भारत को अपने एफ-16 और एफ-18 लड़ाकू विमान बेचना चाहता है। अमेरिकी कंपनियों ने इन विमानों को यहां असेंबल करने का प्रस्ताव रखा है।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले साल अमेरिका की ओर से भारत को अहम रक्षा पार्टनर घोषित करने के बाद की गई घोषणाओं के बाद रक्षा मैन्यूफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को रफ्तार दी जाएगी।