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आजादी के 100 साल पूरे: रक्षामंत्री बोले- 2047 तक हमें ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का करना है निर्माण
Sat, 14 Aug 2021 02:45 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 14 Aug 2021 02:45 AM IST
सार
- इशारों में चीन और पाकिस्तान को भी दिया संदेश
- राजनाथ सिंह ने ने इस मौके पर कई कार्यक्रमों का शुभारंभ भी किया
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राजनाथ सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि अगले 25 वर्षों में यानी आजादी के 100 साल पूरे होने के मौके पर ‘हमें एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का निर्माण करना है। एक समृद्ध, आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी भारत, जो किसी अन्य देश पर हमला नहीं करता हो, लेकिन जो भी देश हम पर बुरी नजर डाले उसे मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हो।
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रक्षामंत्री मंत्रालय की ओर से ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर कई कार्यक्रमों का शुभारंभ भी किया।
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रक्षामंत्री ने कहा, अमृत महोत्सव हम जिसे मना रहे हैं, उसकी भावना या मुझे कहना चाहिए कि स्वतंत्रता, संप्रभुता और अमरता की भावना, भारत के लिए कोई नई या आधुनिक नहीं है। मैं कैप्टन विक्रम बत्रा का जिक्र करना चाहूंगा, जो मौत को सामने देखकर भी कहते हैं, ‘ये दिल मांगे मोर’। यह भावना क्या हैै? मैं इन अमर पुत्रों को अपना सिर झुकाता हूं जिन्होंने अपने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
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इस मौके पर रक्षा मंत्री ने कहा, 75 साल पहले हम आजादी के लिए संघर्ष कर रहे थे, आज आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। ये सौभाग्य का क्षण है। 75 साल पहले हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने आवश्यकता पड़ने पर पहाड़ों में शरण ली, आज हम उन्हीं पहाड़ों पर पर्वत अभियान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 75 साल पहले स्वतंत्रता सेनानियों को जिन द्वीपों पर भेजा गया था, आज सौ से अधिक ऐसे द्वीपों पर तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाने जा रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा, इन कार्यक्रमों का आयोजन रक्षा मंत्रालय द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए किया गया है. इसमें सभी विभागों का सम्मिलित प्रयास शामिल है। राष्ट्रीय चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना सबसे शक्तिशाली भावना है।
हम भारत को निर्यातक देश बनाना चाहते हैं
रक्षा मंत्री ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर बात करते हुए कहा कि हम हथियारों के सबसे बड़े आयातक जाने जाते थे। लेकिन अब भारत शस्त्रों का नंबर एक आयातक नहीं रहा। हम भारत को आत्मनिर्भर बनाएंगे इस दिशा में प्रयास भी जारी हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम भारत को आयातक नहीं बल्कि दुनिया का निर्यातक देश बनाना चाहते हैं।
वैज्ञानिकों और डाक्टरों को सराहा
देश के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के योगदान की प्रशंसा करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि डॉक्टरों ने मुझे बताया कि 2-डीजी एक असरदार दवा है, यह कोरोना मरीजों में ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाती है। कोई दूसरा देश ऐसा नहीं कर सका, लेकिन भारत के वैज्ञानिकों ने इसे संभव बनाया। हमारे सशस्त्र बलों और वैज्ञानिकों ने जब भी जरूरत पड़ी है राष्ट्र को कभी निराश नहीं किया।
एकता और अखंडता अक्षुण्ण रखना होगा: सीडीएस रावत
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को कहा कि जो हमारी एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने साथ ही कहा कि हमें अपनी एकता और अखंडता बनाए रखनी है। रावत ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद, भारत को हमलों की वजह से अपने सशस्त्र बलों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मजबूर किया गया था।
हमारा देश एक शांतिप्रिय राष्ट्र है, लेकिन हमें कुछ परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और जिसकी वजह से अपनी सेना को युद्ध के लिए प्रशिक्षित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा बलों को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए हैं।