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Defence: मणिपुर के चंदेल में ड्रोन टेक्नोलॉजी बूटकैंप संपन्न, ऑपरेशनल तैयारी और नवाचार पर रहा फोकस
Sat, 06 Dec 2025 01:25 AM IST
एन अर्जुन
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल/चंदेल।
अमर उजाला ब्यूरो, इंफाल/चंदेल।
Published by: एन अर्जुन
Updated Sat, 06 Dec 2025 01:25 AM IST
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मणिपुर के ड्रोन ट्रेनिंग नोड में आयोजित बूटकैंप
- फोटो : अमर उजाला / एजेंसी
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मणिपुर के चंदेल जिले के ड्रोन ट्रेनिंग नोड (डीटीएन) में आयोजित पांच दिवसीय ड्रोन टेक्नोलॉजी बूटकैंप आज संपन्न हो गया। यह कार्यक्रम क्षेत्र की सुरक्षा बलों की तकनीकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।असम राइफल्स द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार की विशेष पहल के तहत, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के सहयोग से इस प्रशिक्षण का आयोजन 1 से 5 दिसंबर 2025 तक किया गया।
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बूटकैंप का उद्देश्य सुरक्षा बलों को मानव रहित हवाई प्रणालियों की तकनीकी समझ और परिचालन दक्षता से सशक्त करना था। प्रशिक्षण में सेना, असम राइफल्स, बीएसएफ, सीआरपीएफ, टेरिटोरियल आर्मी और आईआईटी धनबाद के कुल 165 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पाठ्यक्रम में ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक्स, उड़ान संचालन, सेंसर इंटीग्रेशन, संचार प्रणाली और नई उभरती तकनीकों पर विस्तृत प्रशिक्षण शामिल रहा।
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प्रतिभागियों को सिम्युलेटर आधारित प्रैक्टिस, लाइव डेमोंस्ट्रेशन और इंटरऐक्टिव सत्रों के माध्यम से विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षित किया। समापन समारोह की अध्यक्षता असम राइफल्स के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ने की। उन्होंने प्रतिभागियों के अनुशासन, उत्साह और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और विकासात्मक अभियानों में ड्रोन तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है और बदलती चुनौतियों को देखते हुए निरंतर कौशल-विकास बेहद आवश्यक है। उन्होंने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और भारत सरकार के योगदान को भी सराहा, यह कहते हुए कि ऐसे सहयोग तकनीकी सशक्तिकरण और नवाचार को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह बूटकैंप आधुनिक तकनीक अपनाने और ज्ञान-साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में असम राइफल्स के सक्रिय प्रयासों का प्रमाण माना जा रहा है।