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CDS Helicopter Crash: जांच समिति आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को देगी विस्तृत जानकारी

Wed, 05 Jan 2022 02:08 AM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 05 Jan 2022 02:08 AM IST
सार

भारतीय वायु सेना के एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता वाली ट्राई-सर्विस जांच दल केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एमआइ-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटना के पीछे के कारणों पर बुधवार को विस्तृत जानकारी देगा। इसमें चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत उनकी पत्नी और 12 अन्य सैन्यकर्मियों की मौत हो गई थी।

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हेलीकॉप्टर क्रैश - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय वायु सेना के अधिकारी एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता वाली ट्राई-सर्विस जांच दल केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को आठ दिसंबर को हुई एमआइ -17 हेलिकॉप्टर दुर्घटना के पीछे के कारणों पर बुधवार को विस्तृत जानकारी देगा। इसमें चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 12 अन्य सैन्यकर्मियों की मौत हो गई थी।

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भारतीय नौसेना के एक वरिष्ठ हेलिकॉप्टर पायलट दुर्घटना की जांच का हिस्सा थे और उन्होंने जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरकारी सूत्रों ने बताया कि जांच दल में सेना का एक अधिकारी भी शामिल था।
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रक्षा सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि भारतीय वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ जांच दल बुधवार को रक्षा मंत्री के साथ-साथ मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दुर्घटना और उसके कारणों की विस्तृत जानकारी देगा। जांच दल ने रक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों को ले जाने वाले हेलिकॉप्टरों के संचालन के दौरान मानक संचालन प्रक्रियाओं को संशोधित करने के लिए कुछ सिफारिशें भी की हैं।

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दुर्घटना के विवरण को लेकर सूत्रों ने कहा कि Mi-17V5 पहाड़ियों में एक रेलवे लाइन के पास उड़ रहा था, तभी वे अचानक उभरे घने बादल में घुस गए। सूत्रों ने कहा कि हेलिकॉप्टर कम ऊंचाई पर उड़ रहा था और इलाके को जानने के बाद यह जानकारी सामने आ रही है कि बावजूद इसके चालक दल ने विमान उतारने का फैसला नहीं किया। ऐसे में विमान एक चट्टान से टकरा गया।

 

सूत्रों के अनुसार चूंकि पूरा दल 'मास्टर ग्रीन' श्रेणी का था, ऐसा लगता है कि उन्हें भरोसा था कि वे स्थिति से बाहर निकलने में सक्षम होंगे, क्योंकि आपात स्थिति का सुझाव देने के लिए ग्राउंड स्टेशनों पर कोई कॉल नहीं किया गया। सूत्रों ने कहा कि तीन बलों के परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर बेड़े में सर्वश्रेष्ठ पायलटों को 'मास्टर ग्रीन' श्रेणी दी जाती है। इन पायलटों को कम दृश्यता में विमान उड़ाने और उतारने में महारत हासिल होती है।



इसके अलावा, जांच समिति द्वारा की गई सिफारिशों में कहा गया है कि भविष्य में, चालक दल में मास्टर ग्रीन और अन्य श्रेणी के पायलट होने चाहिए, ताकि यदि आवश्यक हो, तो वे जमीन पर स्टेशन से मदद ले सकें। एयर मार्शल एम सिंह की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने कई अन्य सिफारिशें भी की हैं।

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