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Hindi News ›   India News ›   Defence Minister Rajnath Singh to play Holi with security forces personnel deployed at Siachen Glacier

Siachen: इस बार सियाचिन ग्लेशियर में खास होगी होली, खुद जवानों के पास जाएंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

Sat, 23 Mar 2024 11:58 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Sat, 23 Mar 2024 11:58 AM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ होली का त्योहार मनाएंगे। 

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Defence Minister Rajnath Singh to play Holi with security forces personnel deployed at Siachen Glacier
सियाचिन में राजनाथ सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

विस्तार

सियाचिन में इसबार होली का त्योहार बहुत खास होने वाला है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सियाचिन जाएंगे और वहां तैनात सुरक्षा बलों के जवान से मुलाकात करेंगे। राजनाथ उनके साथ रंगो का त्योहार होली भी मनाएंगे।
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2019 में भी राजनाथ सिंह ने किया था सियाचिन का दौरा 
इससे पहले 2019 में रक्षा मंत्री का पदभार संभालने के बाद राजनाथ सिंह ने सियाचिन का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कई अधिकारियों के साथ ही फील्ड कमांडरों और जवानों से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उनके साथ तत्कालीन सेना प्रमुख बिपिन रावत भी मौजूद थे।
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सियाचिन दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने बताया था कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां दिन में भी तापमान 40 डिग्री कम होता है। यहां का मौसम कब मौत में बदल जाए कोई नहीं जानता। सियाचिन में देश की सबसे ऊंची सरहद है और हिमालय की गोद में मौजूद सियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा और सबसे खतरनाक जंग का मैदान है। इसके एक ओर पाकिस्तान है तो दूसरी तरफ चालबाज चीन है। भाजपा के केंद्र में आने के बाद से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा 2017 में निर्मला सीतारमण और 2017 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सियाचिन का दौरा किया था। 
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बता दें कि सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा सैन्य क्षेत्र है। यह हिमालय के पूर्वी काराकोरम पर्वत श्रंखला में स्थित है, जहां भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा समाप्त होती है। उंचाई पर होने के कारण यहां तैनात जवानों को आम दिनों में भी तेज बर्फिली हवाओं का सामना करना पड़ता है। यहां का तापमान शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला जाता है, और भूस्खलन और हिमस्खलन आम बात हो जाती है।


1984 में सियाचिन ग्लेशियर पर पाकिस्तानी सेना को हरा कर चोटी पर कब्जा करने के लिए ऑपरेशन मेघदूत लॉन्च किया गया था। यहां तब से ही भारतीय सेना का नियंत्रण है। 
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