{"_id":"6346f350ce87305cad3e3235","slug":"defence-minister-rajnath-singh-to-launch-website-enabling-citizens-to-contribute-for-afbcwf","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajnath Singh: अब AFBWCF में योगदान दे सकेंगे नागरिक, 14 अक्तूबर को 'मां भारती के सपूत' वेबसाइट की लॉन्चिंग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Rajnath Singh: अब AFBWCF में योगदान दे सकेंगे नागरिक, 14 अक्तूबर को 'मां भारती के सपूत' वेबसाइट की लॉन्चिंग
Wed, 12 Oct 2022 10:33 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 12 Oct 2022 10:33 PM IST
सार
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, 'मां भारती के सपूत' वेबसाइट का शुभारंभ 14 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) परिसर में एक समारोह का आयोजन कर किया जाएगा।
विज्ञापन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार एक वेबसाइट 'मां भारती के सपूत' लॉन्च करंगे। यह वेबसाइट नागरिकों को 'आर्म्ड फोर्सेस बैटल कैजुअल्टीज वेलफेयर फंड' (एएफबीसीडब्ल्यूएफ) में योगदान देने में सक्षम बनाएगी।
विज्ञापन
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इस वेबसाइट का शुभारंभ 14 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल) परिसर में एक समारोह का आयोजन कर किया जाएगा। बॉलीवुड के स्टार अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी 'गुडविल एंबेसडर' बनने की बात को स्वीकार किया है।
विज्ञापन
समारोह में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस), तीनों सेनाओं के प्रमुख, परमवीर चक्र अवॉर्ड विजेता और रक्षा मंत्रालय के अन्य प्रमुख अधिकारी, कॉरपोरेट प्रमुख, बैंकों के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, खेल के क्षेत्र की मशहूर हस्तियां और सेवारत कर्मी शामिल होंगे।
विज्ञापन
इस दिन सक्रिय सैन्य अभियानों में हिस्सा लेने वाले शहीद जवानों के दस परिजनों को भी सम्मानित किया जाएगा। कई युद्धों में खास प्रदर्शन करने वाले सैनिकों के माता-पिता और रिश्तेदारों को भी आमंत्रित किया गया है।
एएफबीसीडब्ल्यूएफ एक त्रि-सेवा कोष है, जिसका इस्तेमाल युद्ध के हताहतों के परिजनों और आश्रितों को तत्काल वित्तीय सहायता के लिए किया जाता है।