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दुश्मनों की अब खैर नहीं: निगरानी पोत ‘विग्रह’ कोस्ट गार्ड में हुआ शामिल, रक्षा मंत्री ने गिनाईं इसकी खूबियां
Sat, 28 Aug 2021 11:29 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 28 Aug 2021 11:29 AM IST
सार
भारतीय तटरक्षक बल का निगरानी पोत ‘विग्रह’ 100 मीटर का है और यह आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में स्थित होगा और इसका संचालन 11 अधिकारियों और 110 नाविकों की कंपनी द्वारा किया जाएगा। इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने किया है। ‘विग्रह’ के शामिल होने के बाद तटरक्षक बल में 157 पोत और 66 विमान होंगे।
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राजनाथ सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय तटरक्षक बल के एक कमीशनिंग इवेंट में निगरानी पोत ‘विग्रह’ को आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा हरी झंडी दे दी गई। इस मौके पर रक्षा मंत्री ने इसकी ढेर सारी खूबियां गिनवाईं। उन्होंने कहा कि इस पोत की कमीशनिंग हमारी तटीय रक्षा क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में हमारी लगातार बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
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रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल हर चुनौती से लड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल 2008 के मुंबई हमले के बाद से सतर्क हो गई जिसका परिणाम है कि उसके बाद समुद्री मार्ग से कोई आतंकवादी दुर्घटना नहीं हुई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि विग्रह एडवांस्ड राडार से लैस है, जो नेविगेशन और कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में नवीनतम है।
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राजनाथ सिंह ने कहा कि 100 मीटर का यह पोत आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में स्थित होगा और इसका संचालन 11 अधिकारियों और 110 नाविकों की कंपनी द्वारा किया जाएगा। इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो शिप बिल्डिंग लिमिटेड ने किया है। ‘विग्रह’ के शामिल होने के बाद तटरक्षक बल में 157 पोत और 66 विमान होंगे।
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उन्होंने कहा कि मैं जहाज के बारे में ज्यादा तकनीकी विवरण नहीं दे पाऊंगा लेकिन मैं एक-दो बातें जरूर कहूंगा, जिसके बारे में मैं बहुत खुश हूं। सबसे पहले, इसकी डिजाइन अवधारणा से लेकर विकास तक, जहाज पूरी तरह से स्वदेशी है। उन्होंने कहा कि यह पोत हेलीकाप्टरों से लैस होते हैं और समुद्री सीमाओं में निगरानी करने के साथ तस्करी रोकने तथा समुद्री लुटेरों को पकड़ने में सहायक होते हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल की यात्रा जो मामूली 5-7 छोटी नावों के साथ शुरू हुआ था, आज 20,000 से अधिक सक्रिय कर्मियों, 150 से अधिक जहाजों और 65 से अधिक विमानों के बेड़े तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से, पिछले 40-45 वर्षों में, भारतीय तटरक्षक बल ने तटीय सुरक्षा के साथ-साथ समुद्री संकटों और आपदाओं में अग्रणी भूमिका निभाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले हमारे मछली पकड़ने वाले समुदाय की सुरक्षा हो, सीमा शुल्क विभाग या अन्य समान प्राधिकरणों को सहायता प्रदान करना, हमारे द्वीपों और टर्मिनलों की सुरक्षा या वैज्ञानिक डेटा संग्रह हर क्षेत्र में भारतीय तटरक्षक बलों की अहम भूमिका रही है।