फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Debt difficult to be cheap to Additional government borrowing

सरकार की अतिरिक्त उधारी से कर्ज सस्ता होना मुश्किल

Sat, 30 Dec 2017 07:26 AM IST
एजेंसी / नई दिल्ली
एजेंसी / नई दिल्ली Updated Sat, 30 Dec 2017 07:26 AM IST
विज्ञापन
Debt difficult to be cheap to Additional government borrowing
bjp
केंद्र सरकार ने अचानक बाजार से 50 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त उधारी उठाने की घोषणा कर ब्याज दरों में कटौती और अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीदों को धुमिल कर दिया है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) से उम्मीद से कम वसूली के कारण सरकार द्वारा उठाए जा रहे इस कदम के कारण 3.2 फीसदी के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करना भी मुश्किल लग रहा है। बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच की ताजा रिपोर्ट में यह अनुमान जाहिर किया गया है।
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार द्वारा अपनी उधारी में 50 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला टाला जा सकता था क्योंकि सरकार प्रतिभूतियों का बाजार पहले से ही घबराहट का माहौल है। सरकार द्वारा बैंकों को वित्तीय मदद की घोषणा के बाद उधारी बढ़ाने की घोषणा ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में कमी किए जाने की संभावना को खत्म कर दिया है। इसकी वजह से अर्थव्यवस्था को पटरी पर आने में भी समय लग सकता है।
विज्ञापन


पढ़ें- GST: 31 मार्च तक कंपनियां बेच सकेंगी स्टिकर चिपकाकर सामान, सरकार ने दी राहत
विज्ञापन
विज्ञापन

कैसे काबू में आएगा घाटा

Debt difficult to be cheap to Additional government borrowing
gst - फोटो : सोशल मीड‌िया
अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली चार लाख 92 हजार करोड़ रुपये की उधारी के साथ वित्तीय घाटे को 3.2 फीसदी के लक्ष्य तक सीमित रखने में कामयाब होंगे। वह इस काम को कैसे करते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। पिछले दो महीने से जीएसटी की वसूली में गिरावट चिंता का विषय है। इसकी भरपाई करने के लिए ही सरकार को उधारी बढ़ानी पड़ी है।

अगला बजट कैसा होगा

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019 के आम चुनाव से पहले आने वाले 2018-19 के बजट में ग्रामीण खर्च में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इसके अलावा इस में घर खरीदारों के लिए प्रोत्साहन और आयकर सीमा में छूट जैसी घोषणाएं शामिल की जा सकती हैं। कॉरपोरेट टैक्स में एक फीसदी की कमी किए जाने की भी संभावना है।  

सरकार कैसे लेती है उधार

केंद्र सरकार ने 27 दिसंबर को अतिरिक्त उधारी उठाने की घोषणा की है। सरकार अपनी दिनांकित प्रतिभूतियों को बेचकर बाजार से उधार जुटाती है। इन प्रतिभूतियों की परिपक्वता अवधि पांच साल की होती है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed