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संसद में महिलाओं के हाथ रही कमान
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 08 Mar 2016 05:21 PM IST
सार
- महिला सदस्यों के हाथ में रही सदन की कमान
- सोनिया ने कहा हमें हमारा जायज हक दो
- शताब्दी ने कहा मुझे बस चलानी है
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राज्यसभा
- फोटो : PTI
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विस्तार
अतंर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मंगलवार को संसद में अलग ही नजारा दिखा। लोकसभा में चर्चा की कमान महिला सद्स्यों के हाथों में थी। सभी महिला सदस्यों ने सशक्तिकरण, समानता, नारी शिक्षा और उनकी सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपनी राय दी और बालात्कार एवं भ्रूण हत्या सरीखे मामलों पर कड़े कानून बनाने की मांग की।
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इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और रायबरेली से सांसद सोनिया गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक जल्द पारित किया जाए। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि हमें हमारा जायज हक दो। इस दौरान भी वो सरकार पर हमला करने से चूकी नहीं और कहा कि अधिकतम सुशासन का मतलब प्रतिशोध की भावना को परे रखकर असहमति को विस्तार प्रदान करना चाहिए।
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इस दौरान सोनिया ने महिलाओं के उत्थान में कांग्रेस की भूमिका बताते हुए कहा कि पार्टी ने देश को पहली महिला प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष दिया।
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'भ्रूण में पलने वाले को पैदा करने की आजादी'
पूनम महाजन
- फोटो : PTI
चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी से सांसद पूनम महाजन ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ यह है कि गर्भ में पल रहे भ्रूण को जन्म देने की आजादी हो। मैं जैसे कपड़े पहनना चाहूं , पहनूं और मुझे मंदिरों और दरगाहों में बिना किसी रोकटोक के आने जाने की आजादी भी मिले। भाजपा से ही जयश्री बेन पटेल ने कहा कि देश के हर राज्य में गुजरात जैसा जेंडर बजट होना चाहिए।
इस चर्चा के दौरान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि निर्णय लेने की प्रक्रिया और जीवन के हर क्षेत्र में विकास के कार्यों में महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हमें इस दिशा में प्रयास करते रहना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस से सांसद शताब्दी ने कहा कि मुझे बस एक सीट नहीं चाहिए, बल्कि मुझे पूरी बस चलानी है। मुझे आयकर में छूट नहीं चाहिए बल्कि पांच करोड़ रुपए कमाने हैं ताकि मैं पूरा आयकर भर सकूं।
इस चर्चा के दौरान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि निर्णय लेने की प्रक्रिया और जीवन के हर क्षेत्र में विकास के कार्यों में महिलाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हमें इस दिशा में प्रयास करते रहना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस से सांसद शताब्दी ने कहा कि मुझे बस एक सीट नहीं चाहिए, बल्कि मुझे पूरी बस चलानी है। मुझे आयकर में छूट नहीं चाहिए बल्कि पांच करोड़ रुपए कमाने हैं ताकि मैं पूरा आयकर भर सकूं।