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स्विमिंग पूल में डूबने से मौत, परिवार को 63 लाख का मुआवजा
Fri, 29 Mar 2019 02:43 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 29 Mar 2019 02:43 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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केरल के एक होटल के स्विमिंग पूल में डूबने से एक शख्स की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 62.5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि स्विमिंग पूल की सुविधा देने वाले होटल पर ही अपने अतिथियों के देखभाल की जिम्मेदारी होती है।
न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि शिकायत एक दशक पूर्व की गई थी, लिहाजा होटल को नौ फीसदी ब्याज के साथ पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। मामले के मुताबिक, सतेंद्र प्रताप सिंह (35) की मार्च 2006 में कोवलम के होटल समुद्र के स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई थी। सतेंद्र को डूबते हुए एक विदेशी ने देखा था और उसने शोर भी मचाया था। उस वक्त होटल का लाइफ गार्ड किसी और काम में व्यस्त था।
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने होटल प्रबंधन को सेवा में कोताही बरतने का दोषी माना था। यह होटल केरल पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित होता था। आयोग ने होटल प्रबंधन से पीड़ित परिवार को 62.5 लाख रुपये मुआवजा देने के लिए कहा था। आयोग के इस फैसले को निगम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के फैसले को बरकरार रखा।
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न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि शिकायत एक दशक पूर्व की गई थी, लिहाजा होटल को नौ फीसदी ब्याज के साथ पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। मामले के मुताबिक, सतेंद्र प्रताप सिंह (35) की मार्च 2006 में कोवलम के होटल समुद्र के स्विमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई थी। सतेंद्र को डूबते हुए एक विदेशी ने देखा था और उसने शोर भी मचाया था। उस वक्त होटल का लाइफ गार्ड किसी और काम में व्यस्त था।
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राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने होटल प्रबंधन को सेवा में कोताही बरतने का दोषी माना था। यह होटल केरल पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित होता था। आयोग ने होटल प्रबंधन से पीड़ित परिवार को 62.5 लाख रुपये मुआवजा देने के लिए कहा था। आयोग के इस फैसले को निगम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आयोग के फैसले को बरकरार रखा।
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