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Hindi News ›   India News ›   Dawoodi bohra community first came in india in the 15th century

15वीं शताब्दी में भारत आया था दाऊदी बोहरा समुदाय, मुंबई के भिंडी बाजार में इनका ही चलता है 'सिक्का'

Fri, 14 Sep 2018 12:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 14 Sep 2018 12:47 PM IST
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Dawoodi bohra community first came in india in the 15th century
Prime Minister with Bohra Community

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इंदौर के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने दाऊदी बोहरा समुदाय के धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन से मुलाकात की। उनके इस दौरे को मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर काफी अहम माना जा रहा है। 

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बता दें कि इंदौर के सैफी मस्जिद में दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना डॉ. मुफद्दल सैफुद्दीन 12 सितंबर से धार्मिक प्रवचन दे रहे हैं। उनका प्रवचन सुनने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आए हुए हैं। इस मौके पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसा अपने मुल्क से मोहब्बत करने वाला, दूसरों की मदद करने वाला और अगर कोई समाज अनुशासित है तो वो बोहरा समाज है। 
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कौन हैं दाऊदी बोहरा? 

दाऊदी बोहरा समुदाय इस्माइली शिया इस्लाम का उप-समुदाय है। दाऊदी बोहरा दुनियाभर में फैले हुए हैं। इनकी सबसे ज्यादा आबादी भारत, पाकिस्तान, यमन और पूर्वी अफ्रीका में है। इसके अलावा यूरोप, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी दाऊदी बोहरा समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मौजूद हैं।  
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दाऊदी बोहरा समुदाय को काफी समृद्ध, पढ़ा-लिखा और शांतिप्रिय समुदाय के रूप में जाना जाता है, जो एक जिम्मेदार नागरिक की तरह सिर्फ अपने काम से मतलब रखते हैं। दरअसल, बोहरा गुजराती शब्द 'वहौराउ' का का अपभ्रंश है, जिसका मतलब होता है व्यापार। शायद इसीलिए माना जाता है कि ये समुदाय सिर्फ अपने काम से मतलब रखता है। 

भारत में सबसे ज्यादा है दाऊदी बोहरा समुदाय की आबादी 

दाऊदी बोहरा समुदाय अपनी प्राचीन परंपराओं से पूरी तरह जुड़ा हुआ कौम है, जिनमें सिर्फ अपने ही समाज में ही शादी करना शामिल है। पहले इस समुदाय की आबादी यमन में सबसे ज्यादा थी, लेकिन 15वीं शताब्दी में जब इस समुदाय की आबादी बढ़ गई तो यह दो हिस्सों में बंट गया। पहला समुदाय दाऊदी बोहरा कहलाया, जबकि दूसरे समुदाय को सुलेमानी कहते हैं। सुलेमानियों का मुख्यालय अभी भी यमन में है, जबकि दाऊदी बोहराओं का मुख्यालय मुंबई में है, क्योंकि भारत में दाऊदी बोहराओं की आबादी सबसे ज्यादा है।

इन शहरों में रहते हैं दाऊदी बोहरा समुदाय के लोग 

दाऊदी बोहरा समुदाय के लोग मुख्य रूप से गुजरात के सूरत, अहमदाबाद, जामनगर, राजकोट, दाहोद, और महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे व नागपुर, राजस्थान के उदयपुर व भीलवाड़ा और मध्य प्रदेश के उज्जैन, इंदौर, शाजापुर  जैसे शहरों और कोलकाता व चैन्नै में रहते हैं। मुंबई के भिंडी बाजार, मझगांव, क्राफर्ड मार्केट, भायखला, बांद्रा, सांताक्रुज और मरोल में इनकी संख्या काफी ज्यादा है।

भिंडी बाजार में तो इनकी आबादी इतनी ज्यादा है कि उसे बोहरी मोहल्ला ही कहा जाने लगा है। एक अनुमान के मुताबिक इंदौर में भी दाऊदी बोहरा समुदाय की आबादी 35,000 के आस-पास है।भारत के अलावा पाकिस्तान के सिंध प्रांत, ब्रिटेन, अमेरिका, दुबई, इराक, यमन और सऊदी अरब में भी उनकी अच्छी खासी तादाद है। 

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