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विवादों में घिरे खडसे का इस्तीफा, बीजेपी और संघ की झेल रहे थे नाराजगी

Sat, 04 Jun 2016 12:38 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 04 Jun 2016 12:38 PM IST
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Dawood & land tussle controversy leads Eknath Khadse resign
एकनाथ खडसे - फोटो : फोटो- ट्विटर
अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से फोन पर बातचीत के आरोप और जमीन घोटाले जैसे विवादों में घिरे महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे ने पद से इस्तीफा दे दिया है। जमीन घोटाले की बात सामने आने पर खडसे लगातार भाजपा नेतृत्व और संघ की नाराजगी झेल रहे थे।
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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी खडसे की पूरी रिपोर्ट राज्य की प्रभारी सरोज पांडे से मांगी थी। सूबे के सीएम देवेंद्र फडणवीस भी खडसे के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह से अलग-अलग मुलाकात कर चुके थे। आखिरकार चौतरफा आलोचनाओं में घिरे खडसे ने कुर्सी छोड़ दी। 
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क्या है मामला?

खडसे ने पुणे इलाके की एमआईडीसी की जमीन खरीदी, जिसकी खरीद-बिक्री पर रोक है। खडसे ने एमआईडीसी की तीन एकड़ जमीन अब्बा उकानी के नाम के एक शख्स से पौने चार करोड़ में खरीदी। जबकि इसकी कीमत 80 करोड़ रुपये बताई जाती है। खरीद के क्रम में खडसे ने 37 लाख की स्टैंप ड्यूटी भरी। इतनी स्टैंप ड्यूटी 33 करोड़ की खरीद पर भरी जाती है।
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खडसे पर 49 लाख कम स्टांप भरने का आरोप

Dawood & land tussle controversy leads Eknath Khadse resign

महाराष्ट्र सरकार में राजस्व मंत्री रहते हुए एकनाथ खडसे पर आरोप है कि जमीन की खरीद में उन्होंने करीब 49 लाख की कम स्टांप ड्यूटी चुकाई। खडसे की पत्नी मंदाकिनी और दामाद गिरिश चौधरी ने मिलकर बीते 27 अप्रैल को पुणे के पास भोसारी में तीन एकड़ जमीन खरीदी थी जिसके लिए उन्होंने 3.75 करोड़ रुपये चुकाए थे। 

नए दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि जमीन के लिए 1.37 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी के तौर पर दिए गए। जबकि इतनी स्टांप ड्यूटी 31.01 करोड़ रुपये की जमीन के लिए दी जाती है। 

अब यह सवाल उठ रहा है कि खड़से ने इतनी ज्यादा स्टांप ड्यूटी क्यों दी। हालांकि राज्य सरकार ने इस जमीन की असली कीमत 31.01 करोड़ ही तय की थी। 

कागजातों के अनुसार इस जमीन को खड़से की पत्नी और दामाद ने 1.25 करोड़ रुपये प्रति एकड़ पर खरीदा था। लेकिन सरकार ने इस जमीन की कीमत 25 हजार 630 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर तय की थी। इसके अलावा महाराष्ट्र में स्टैंप ड्यूटी 6 फीसद के हिसाब से भरी जाती है। इस हिसाब से खड़से को भरनी थी 1.86 करोड़ की स्टैंप ड्यूटी लेकिन उन्होंने भरी 1.37 करोड़ जोकि 49 लाख कम है।

खड़से के प्रभाव के चलते रजस्ट्री की हुई अनदेखी!

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आरोप ये भी है कि बॉम्‍बे स्टांप कानून 1995 में साफ तौर पर लिखा है कि अगर सेल डीड में जो मार्केट वैल्यू लिखी गयी है वह मिनिमम वैल्यू से कम है तो रजिस्ट्री करने वाले अधिकारी इस मामले को जिले के कलेक्टर के संज्ञान में भेज दें और वह असली रिकॉर्ड देखकर मार्केट वैल्यू तय करें। हालांकि इन दस्तावेजों को देखकर ये साफ हो गया है कि हवेली के सब रजिस्ट्रार दिनकर लोनकर ने रजिस्ट्री के वक्त कानूनी प्रावधानों को नजरअंदाज किया। 

रजिस्ट्रेशन के रिकॉर्ड के अनुसार जमीन की असली मार्केट वैल्यू 3.75 करोड़ है जबकि मिनिमम रेट 25,630 प्रति स्क्वायर मीटर हैं। गौरतलब है कि सब रजिस्ट्रार का दफ्तर एकनाथ खड़से के मंत्रालय के अधीन काम करता था। नाम न बताने की शर्त पर विभाग के उच्च पदस्‍थ अधिकारी ने माना था कि ये एक गंभीर चूक है।

बॉम्‍बे स्टांप कानून 1995 में साफ तौर पर लिखा है कि अगर गलत जानकारी दी जाती है तो ये एक दंडनीय अपराध है। जब खड़से से इस बारे में पूछा गया तो वह बोले स्टांप ड्यूटी को मार्केट वैल्यू के हिसाब से ही जमा कराया गया था। लेकिन जमीन की कीमत कम दिखाने के जवाब से बचते रहे थे।

अमित शाह का चला डंडा!

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अमित शाह - फोटो : PTI

वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र उद्योग विकास निगम ने खडसे के परिजन और जमीन के मालिक के बीच हुए सौदे से इंकार कर दिया था। उसका कहना था कि जमीन के मालिक अब्बास उकानी और खड़से के बीच सौदा इसलिए नहीं हो सका क्योंकि अब्बास ने जमीन खुद 1971 में हासिल की थी।

इसके अलावा सेल डीड में कई अन्य खामियां भी मिली थीं। इस मामले के सामने आने पर एनसीपी ने खडसे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने इस मामले में कालेधन के इस्तेमाल से इंकार नहीं किया था और कालेधन के इस्तेमाल पर केंद्र द्वारा कार्रवाई की मांग की थी।

सरकार पर दबाव बनाते हुए कांग्रेस ने खडसे को हटाने की मांग की थी। कांग्रेस ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीएच विद्यासागर को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। खड़से पर उठे विवाद के चलते भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र सरकार से रिपोर्ट तलब की थी।

दाऊद से फोन पर बातचीत और जमीन घोटाले जैसे विवादों में घिरे महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे ने पद से इस्तीफा दे दिया है।
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