{"_id":"5de5e2088ebc3e54e765c920","slug":"dawood-ibrahim-hidden-in-pakistan-not-talking-on-phone-for-last-three-years-delhi-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान में छिपा है 'मोस्ट वांटेड' दाऊद इब्राहिम, तीन साल से फोन पर नहीं कर रहा बात: पुलिस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पाकिस्तान में छिपा है 'मोस्ट वांटेड' दाऊद इब्राहिम, तीन साल से फोन पर नहीं कर रहा बात: पुलिस
Tue, 03 Dec 2019 09:48 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Tue, 03 Dec 2019 09:48 AM IST
विज्ञापन
दाऊद इब्राहिम
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डी कंपनी का सरगना और भारत का मोस्ट वांडेट आतंकी दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में स्थित अपने महफूज ठिकाने में छिपा हुआ है। सुरक्षा को लेकर चिंतित दाऊद ने तीन साल से किसी से फोन पर बात तक नहीं की है। पाकिस्तान में उसे आईएसआई और सेना का संरक्षण प्राप्त है।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार दाऊद अभी भी अपने साथियों के साथ पाकिस्तान में छिपा हुआ है। इसके पक्के सबूत मिले हैं। दिल्ली पुलिस ने उसका पिछला कॉल नवंबर 2016 में रिकॉर्ड किया था।
विज्ञापन
देश की खुफिया एजेंसियों ने 2016 में दाऊद का फोन 15 मिनट तक रिकॉर्ड किया। इसमें वह कराची से दुबई में मौजूद अपने सहयोगियों से बात कर रहा था। इसमें वह कह रहा था कि वह दिल की बीमारी से पीड़ित है और कराची के अस्पताल में भर्ती है। हालांकि तब डी कंपनी ने इस बात को नकार दिया था।
विज्ञापन
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बातचीत के दौरान (2016 में) लगा कि उसने शराब पी रखी थी क्योंकि उसकी आवाज थोड़ी लड़खड़ा रही थी। कुल मिलाकर बातचीत निजी थी और अंडरवर्ल्ड की किसी गतिविधि या योजना का जिक्र नहीं हुआ था।
इस बातचीत के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एक उच्चस्तरीय बैठक भी की थी। इस बैठक में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।
पुलिस के अनुसार शायद वह फोन का इस्तेमाल करने से बच रहा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दाऊद ने कराची से अपना अड्डा बदल लिया है। हमारे पास यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि दाऊद और उसके गिरोह के करीबी सदस्य अभी तक पाकिस्तान से साजिश को अंजाम दे रहे हैं।