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डॉ. लाल पैथलैब्स के लाखों मरीजों का डाटा लीक, कोरोना जांच रिपोर्ट भी शामिल
Fri, 09 Oct 2020 10:48 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 09 Oct 2020 10:48 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
एक नए डाटा लीक में लाखों मरीजों का डाटा उनकी कोरोना जांच के परिणाम समेत लीक हो गया है। टेकक्रंच की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की सबसे बड़ी जांच प्रयोगशालाओं में से एक डॉ. लाल पैथलैब्स लाखों मरीजों का निजी डाटा सुरक्षित रखने में नाकाम रही है।
डॉ. लाल पैथलैब्स मरीजों का संवेदनशील डाटा अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) पर बिना पासवर्ड के रख रही थी। असुरक्षित क्लाउड सर्वर पर यह डाटा करीब एक साल तक रहा। किसी प्रकार का कोई पासवर्ड न होने के चलते इस डाटा तक कोई भी पहुंच सकता था।
इस डाटा में मरीजों की जानकारी, जैसे कि उनका नाम, पता, फोन नंबर ईमेल आईडी, पेमेंट जानकारी, डिजिटल सिग्नेचर और उन चिकित्सकीय जांचों का ब्योरा भी था जो उन्होंने करवाई थीं। कहा जा रहा है कि लीक डाटा में कोरोना जांच की जानकारी भी शामिल है।
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डॉ. लाल पैथलैब्स का यह डाटा सार्वजनिक डोमेन में था और सितंबर तक कोई भी इस तक पहुंच सकता था। सितंबर में ऑस्ट्रेलिया की साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट सामी तोइवोनेन ने डाटा लीक की जानकारी दी। जिसके बाद डाटा तक पहुंच को तुरंत बंद कर दिया गया।
इस संबंध में डॉ. लाल पैथलैब्स के एक प्रवक्ता का कहना है कि डाटा सुरक्षा में सेंध की जांच की जा रही है।
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डॉ. लाल पैथलैब्स मरीजों का संवेदनशील डाटा अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) पर बिना पासवर्ड के रख रही थी। असुरक्षित क्लाउड सर्वर पर यह डाटा करीब एक साल तक रहा। किसी प्रकार का कोई पासवर्ड न होने के चलते इस डाटा तक कोई भी पहुंच सकता था।
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इस डाटा में मरीजों की जानकारी, जैसे कि उनका नाम, पता, फोन नंबर ईमेल आईडी, पेमेंट जानकारी, डिजिटल सिग्नेचर और उन चिकित्सकीय जांचों का ब्योरा भी था जो उन्होंने करवाई थीं। कहा जा रहा है कि लीक डाटा में कोरोना जांच की जानकारी भी शामिल है।
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डॉ. लाल पैथलैब्स का यह डाटा सार्वजनिक डोमेन में था और सितंबर तक कोई भी इस तक पहुंच सकता था। सितंबर में ऑस्ट्रेलिया की साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट सामी तोइवोनेन ने डाटा लीक की जानकारी दी। जिसके बाद डाटा तक पहुंच को तुरंत बंद कर दिया गया।
इस संबंध में डॉ. लाल पैथलैब्स के एक प्रवक्ता का कहना है कि डाटा सुरक्षा में सेंध की जांच की जा रही है।