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सुलग रहा दार्जिलिंग: एक हफ्ते में 4 की मौत, स्कूलों में फंसे हजारों बच्चे, खाने की किल्लत

Tue, 20 Jun 2017 02:30 PM IST
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार Updated Tue, 20 Jun 2017 02:30 PM IST
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darjeeling protest: now Students are stuck in schools and food supplys are low

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की ओर से किए गए बंद का आज 9वां दिन है और इसके बाद फैली हिंसा के बाद वहां हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। एक हफ्ते में 4 लोगों की मौत हो गई है और हिंसा अभी भी जारी है। अलग गोरखालैंड की मांग कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए हैं।

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सरमर्थकों ने सिक्किम बॉर्डर पर एक ट्रक को आग के हवाले कर दिया है। इस हमले में ट्रक का ड्राइवर भी बुरी तरह झुलस गया है, जिसका शरीर करीब 70 फीसदी तक झुलस गया है। ड्राइवर को नजदीक के अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां वो जिदंगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है। दार्जिलिंग में शांति बहाल करने की राज्य सरकार हर कोशिश कर रही है और इसीलिए वहां इंंटरनेट सर्विस भी बंद कर दी गई है।
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जीजेएम के प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है और इसकी वजह से वहां के स्कूलों में हजारों बच्चे फंसे हुए हैं। सभी बच्चों को गर्मी की छुट्टियों पर स्कूल प्रशासन भेजने जा रहा था, लेकिन इन हालातों के बाद वे स्कूलों के अंदर ही फंसे हुए हैं। दरअसल, स्कूल प्रशासन की अहम चिंता इतने सारे बच्चों को खाना मुहैया कराना है, क्योंकि जो फूड मैटिरियल स्टॉक में बचा है, वो कुछ ही दिन चल पाएगा। दार्जिलिंग के कुरसियोंग और कलीमपोंग के स्कूलों में बांग्लादेश, नेपाल, थाईलैंड, हॉन्ग-कॉन्ग, भूटान और देश के बाकी हिस्सों से हजारों बच्चे पढ़ते हैं। 

एक बच्चे के पिता ने बताया कि स्कूल के कुछ टीचर नजदीक के इलाकों में रहते हैं, लेकिन वे भी कर्फ्यू की वजह से स्कूल में नहीं आ पा रहे हैं। कुरसियोंग के हिमाली बोर्डिंग स्कूल की टीचर ने कहा कि सिर्फ उन्हें बच्चों के खाने की चिंता है। उन्होंने कहा कि बंद के ऐलान के चलते पूरा हिसाब-किताब बिगड़ गया है। शुक्रवार से छुट्टियां शुरू हो गई हैं, पर बच्चों को उनके घर भेजना आसान नहीं लग रहा है।


बच्चों के परिजनों को भी खासी चिंता सता रही है। एक पिता ने बताया कि कुछ दिन पहले स्कूल के गेट पर भी पुलिस फायरिंग हुई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गाड़ियों में आग लगा दी गई। उन्हें फिक्र है कि उनके बच्चों को कोई नुकसान न पहुंचे।

नेपाल के रहने वाले स्टूडेंट देवांग राय (16) ने बताया कि वो काफी डरा हुआ है और उसे समझ नहीं आ रहा है कि वो आखिर अपने घर कब जा पाएगा। बता दें कि जीजेएम ने 15 जून से दार्जिलिंग में बंद का ऐलान किया हुआ है और इसके बाद वहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच रोज झड़प हो रही है।

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