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Parliament Row: दानिश अली विवाद से शुरू हुआ अभद्र टिप्पणियों का सिलसिला कहां रुकेगा?
Sun, 24 Sep 2023 11:28 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 24 Sep 2023 11:28 AM IST
सार
पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह पहली बार नहीं हो रहा है जब कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्म, परिवार और जाति को लेकर निशाना बनाया गया है।
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रमेश बिधूड़ी vs दानिश अली
- फोटो : AMAR UJALA
विस्तार
देश के राजनीतिक वर्ग में अभद्र टिप्पणियों की अघोषित प्रतियोगिता शुरू हो गई है। भाजपा नेता रमेश बिधूड़ी के बाद अब कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला कर उसे हमलावर होने का मौका दे दिया है। पहले हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभान सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी की। अब मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अभद्र टिप्पणी कर दिया है। उनकी इस टिप्पणी के बाद सियासी हलकों में तूफान आ गया है।
भाजपा ने बिधूड़ी को जारी किया नोटिस
हाल ही में यह सिलसिला भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के एक बयान से शुरू हुआ। दक्षिणी दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी ने संसद में बहस के दौरान बसपा सांसद दानिश अली पर अभद्र टिप्पणियां कर दीं। इससे पूरा विपक्ष केंद्र पर हमलावर हो उठा। बिधूड़ी पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करने और उनसे उनकी अभद्र टिप्पणियों के लिए क्षमा मांगने की बात कही गई। अपने एक सांसद के आपत्तिजनक बयान के बाद भाजपा भी बैकफुट पर दिखाई पड़ रही थी। पार्टी ने नोटिस जारी कर बिधूड़ी से उनके बयान पर सफाई मांगी और कहा कि उनकी इस अभद्र टिप्पणी के लिए उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
संसद की अनुशासनात्मक कमेटी ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है। लेकिन कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री पर की गई अभद्र टिप्पणियों के बाद भाजपा हमलावर हो गई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह पहली बार नहीं हो रहा है जब कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्म, परिवार और जाति को लेकर निशाना बनाया गया है। उनके अनुसार कांग्रेस नेता पहले भी ऐसा करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस के इन बयानों का जवाब देगी।
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सड़क छाप भाषा पहुंची संसद
राजनीतिक टिप्पणीकार धीरेंद्र कुमार ने अमर उजाला से कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों को देश को सही राह दिखानी चाहिए, अब वही अभद्र भाषा का उपयोग कर माहौल गंदा करने का काम कर रहे हैं। अब तक इस प्रकार की टिप्पणी सड़क छाप भाषा कही जाती थी, लेकिन अब यही भाषा संसद के अंदर तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि राजनेताओं को समझना चाहिए कि देश की जनता इस तरह का व्यवहार कतई पसंद नहीं करती। इस तरह की बयानबाजी से उनको लाभ के स्थान पर नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की अभद्रता को बढ़ावा दिया जाएगा तो राजनेताओं की विश्वसनीयता समाप्त होगी और इसका सबको नुकसान होगा।
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भाजपा ने बिधूड़ी को जारी किया नोटिस
हाल ही में यह सिलसिला भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के एक बयान से शुरू हुआ। दक्षिणी दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी ने संसद में बहस के दौरान बसपा सांसद दानिश अली पर अभद्र टिप्पणियां कर दीं। इससे पूरा विपक्ष केंद्र पर हमलावर हो उठा। बिधूड़ी पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करने और उनसे उनकी अभद्र टिप्पणियों के लिए क्षमा मांगने की बात कही गई। अपने एक सांसद के आपत्तिजनक बयान के बाद भाजपा भी बैकफुट पर दिखाई पड़ रही थी। पार्टी ने नोटिस जारी कर बिधूड़ी से उनके बयान पर सफाई मांगी और कहा कि उनकी इस अभद्र टिप्पणी के लिए उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
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संसद की अनुशासनात्मक कमेटी ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है। लेकिन कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री पर की गई अभद्र टिप्पणियों के बाद भाजपा हमलावर हो गई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह पहली बार नहीं हो रहा है जब कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्म, परिवार और जाति को लेकर निशाना बनाया गया है। उनके अनुसार कांग्रेस नेता पहले भी ऐसा करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता कांग्रेस के इन बयानों का जवाब देगी।
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सड़क छाप भाषा पहुंची संसद
राजनीतिक टिप्पणीकार धीरेंद्र कुमार ने अमर उजाला से कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिन लोगों को देश को सही राह दिखानी चाहिए, अब वही अभद्र भाषा का उपयोग कर माहौल गंदा करने का काम कर रहे हैं। अब तक इस प्रकार की टिप्पणी सड़क छाप भाषा कही जाती थी, लेकिन अब यही भाषा संसद के अंदर तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि राजनेताओं को समझना चाहिए कि देश की जनता इस तरह का व्यवहार कतई पसंद नहीं करती। इस तरह की बयानबाजी से उनको लाभ के स्थान पर नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की अभद्रता को बढ़ावा दिया जाएगा तो राजनेताओं की विश्वसनीयता समाप्त होगी और इसका सबको नुकसान होगा।