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कन्नड साहित्य को क्षति : एनएस लक्ष्मीनारायण भट्ट नहीं रहे, मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने जताया शोक
Sat, 06 Mar 2021 05:07 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 06 Mar 2021 05:07 PM IST
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कन्नड़ कवि एलएन भट्ट नहीं रहे
- फोटो : Social Media
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प्रसिद्ध कन्नड़ कवि, आलोचक एवं अनुवादक एन एस लक्ष्मीनारायण भट्ट का शनिवार तड़के निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे। वह उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने शोक जताया है।
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कन्नड़ साहित्य की दुनिया में ‘एनएसएल’ के नाम से लोकप्रिय भट्ट का जन्म 1936 में शिवमोगा जिले में हुआ था। भट्ट अपने भावगीतों के जरिए घर-घर में लोकप्रिय हुए और उन्हें आधुनिक कन्नड़ काव्य में योगदान, आलोचनात्मक कृतियों एवं अनुवाद के कार्य के लिए जाना जाता है।
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उन्होंने विलियम शेक्सपीयर, टी एस इलियट और कवि यीट्स की रचनाओं का कन्नड़ में अनुवाद किया। वह बेंगलुरु विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी रहे और संत-कवि शिशुनाला शरीफ की कृतियों को लोकप्रिय करने के लिए भी जाने गए। भट्ट के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं।
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कन्नड़ साहित्य का सितारा खो दिया
मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने भट्ट के निधन पर शोक जताया और कहा कि कन्नड़ साहित्य की दुनिया ने अपना एक सितारा खो दिया। जद (एस) नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने भी भट्ट के निधन पर शोक जताया।