फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dalit organization are firm on Bharat bandh, seeking cooperation from all political parties

भारत बंद को लेकर दृढ़ हैं दलित संगठन, सभी राजनीतिक दलों से मांग रहे सहयोग

Fri, 03 Aug 2018 08:16 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 03 Aug 2018 08:16 PM IST
विज्ञापन
Dalit organization are firm on Bharat bandh, seeking cooperation from all political parties
दलित संगठनों का विरोद प्रदर्शन (फाइल फोटो)
एससी/एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किये गए बदलाव को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर दिया है। सरकार इससे संबंधित बयान संसद में दे चुकी है। लेकिन दलित संगठन सरकार के इस कदम से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि सरकार उन्हें बरगलाने की कोशिश कर रही है और इसलिए एससी/एसटी एक्ट दोबारा उसी रूप में लागू होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अपनी इसी मांग को बल देने के लिए दलित संगठनों ने नौ अगस्त को भारत बंद बुलाया है और इसे सफल बनाने के लिए तमाम राजनीतिक दलों से संपर्क कर रहे हैं। 
विज्ञापन


ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक भारती ने कहा कि सरकार उनके आंदोलन को भटकाने के लिए उन्हें गुमराह कर रही है। सच्चाई यह है कि एक्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए बदलाव को खत्म करने के लिए अंतिम रूप से कानून बनने में अभी कई चरण हैं। सरकार आंदोलन को टालने के बाद कोई भी तकनीकी पहलू का बहाना बनाकर इसे पारित करने से बचने की कोशिश करेगी। इसलिए जब तक कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक्ट में किए गए बदलाव को खत्म नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। 
विज्ञापन


कांग्रेस का साथ मिलने की उम्मीद

अशोक भारती ने कहा कि एक अगस्त को देश के 22 राज्यों के दलित नेताओं के साथ उनकी मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से हुई थी। उन्होंने नौ अगस्त को भारत बंद कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी सहमति दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उन्होंने देश के सभी गैर भाजपाई-गैर आरएसएस विचारधारा वाले संगठनों से सहयोग मांगा है। इस संदर्भ में उनकी मुलाकात तेलगूदेशम पार्टी, टीआरएस और टीएमसी के प्रतिनिधियों से हो चुकी है। आने वाले समय में वे कुछ अन्य शीर्ष दलों के नेताओं से मुलाकात करने वाले हैं। 


अहिंसक होगा आंदोलन

दलित नेता ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह अहिंसक होगा, लेकिन उन्हें इस बात की आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्त्व उनके आंदोलन को बदनाम करने के लिए उनके समर्थकों पर हिंसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब दो अप्रैल को उन्होंने भारत बंद का आयोजन किया था, उस समय भी उनके कार्यकर्ताओं पर हमले किये गए थे। इन हमलों में उनके कई कार्यकर्ताओं की मौत भी हो गई थी। उन्होंने कहा कि हिंसा रोकना राज्य सरकारों की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी है और उन्हें इसे निभाना चाहिए।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed