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आटा उधार मांग राहुल गांधी को कराया भोजन, अब मन में रह गई एक टीस
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 16 Sep 2016 07:47 AM IST
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राहुल गांधी
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यूपी के मऊ जिले के बड़ागांव के स्वामीनाथ ने अतिथि देवो भव: की मिसाल पेश की है। गरीबी से परेशान स्वामीनाथ ने अपने घर आए अतिथि को भोजन कराने के लिए आटा उधार मांगा।
दरअसल, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी 'किसान यात्रा' पर हैं। इस दौरान वह मऊ जिले में भी खाट वार्ता करने पहुंचे थे। तय कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी दलित बस्ती में स्वामीनाथ के घर पर रुके और भोजन किया। राहुल ने उससे बातचीत की और जमीनी हकीकत समझने का प्रयास किया।
स्वामीनाथ ने राहुल गांधी से अपने कर्ज और गरीबी के बारे में विस्तार से बताया। उसने यह भी बताया कि क्यों वह अपने बच्चों को स्कूल में नहीं पढ़ा पा रहा है। राहुल ने उन्हें समझने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्होंने यह जानने का प्रयास नहीं किया कि जो वह खाना खा रहे है उसकी व्यवस्था स्वामीनाथ ने किस तरह की है।
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दरअसल, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी 'किसान यात्रा' पर हैं। इस दौरान वह मऊ जिले में भी खाट वार्ता करने पहुंचे थे। तय कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी दलित बस्ती में स्वामीनाथ के घर पर रुके और भोजन किया। राहुल ने उससे बातचीत की और जमीनी हकीकत समझने का प्रयास किया।
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स्वामीनाथ ने राहुल गांधी से अपने कर्ज और गरीबी के बारे में विस्तार से बताया। उसने यह भी बताया कि क्यों वह अपने बच्चों को स्कूल में नहीं पढ़ा पा रहा है। राहुल ने उन्हें समझने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्होंने यह जानने का प्रयास नहीं किया कि जो वह खाना खा रहे है उसकी व्यवस्था स्वामीनाथ ने किस तरह की है।
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राहुल गांधी
स्वामीनाथ कहते हैं कि जब उन्हें जानकारी मिली कि राहुल गांधी उनके घर पर आने वाले हैं तो उनके स्वागत के लिए पूरी तैयारी की। उनके सत्कार में कोई कसर न रह जाए, इसके लिए उसने अपने भाई से उधार में आटा लिया। वहीं, दूसरे सामानों के लिए भी दूसरों से कर्ज लिया।
कर्ज लेकर राहुल गांधी की सेवा करने वाले स्वामीनाथ को इसका कोई मलाल नहीं है। उसे मलाल है वहां मौजूद कांग्रेसी नेताओं से जिन्होंने उसकी कोई बात नहीं सुनी। राहुल के जाने के बाद उन्होंने उससे मुंह मोड़ लिया। कोई हाल चाल लेने तक नहीं पहुंचा।
कर्ज लेकर राहुल गांधी की सेवा करने वाले स्वामीनाथ को इसका कोई मलाल नहीं है। उसे मलाल है वहां मौजूद कांग्रेसी नेताओं से जिन्होंने उसकी कोई बात नहीं सुनी। राहुल के जाने के बाद उन्होंने उससे मुंह मोड़ लिया। कोई हाल चाल लेने तक नहीं पहुंचा।