{"_id":"57ce513c4f1c1b1c56317bd8","slug":"dalit-alphabet-a-for-ambedkar","type":"story","status":"publish","title_hn":"दलितों की वर्णमालाः ए से अंबेडकर, अ से अत्याचार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
दलितों की वर्णमालाः ए से अंबेडकर, अ से अत्याचार
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Sep 2016 03:45 PM IST
विज्ञापन
गुजरात में दलितों की वर्णमाला
- फोटो : Times Of India
गुजरात के दलित बाहुल्य इलाकों में इन दिनों 'बाबा साहब डॉक्टर अंबेडकर- बालपोथी' नाम की पाठ्यपुस्तक की जबरदस्त मांग है। इस किताब को स्कूल तो नहीं खरीद रहे हैं लेकिन जहां-जहां दलितों की आबादी ज्यादा है, वहां इसे लोग हाथों-हाथ ले रहे हैं। 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस खास प्राथमिक पाठ्यपुस्तक में हिंदू संकेतों के बजाय बौद्ध और अंबेडकर की जीवन से संबंधित शब्द लिए गए हैं। इस किताब के अंग्रेजी संस्करण को राजस्थान की हिंदी अध्यापक कुसुम मेघवाल ने लिखा है जिसमें A से अंबेडकर और B से बुद्ध पढ़ाया जाता है।
ठीक इसी तरह हिंदी और गुजराती संस्करण में क्रमशः अ से अत्याचार और क से कमल नहीं बल्कि कलम पढ़ाया जाता है। इस किताब के हिंदी और गुजराती संस्करण के लेखक धीरज प्रियदर्शी हैं, जो एक टेलर हैं। धीरज ने मुख्यधारा की वर्णमाला से हटकर इस नई किताब में ऐसे शब्द चुने हैं जो दलित बच्चों के लिए फिट हैं। अंबेडकरवादी साहित्य के लाइब्रेरी चलाने वाले प्रियदर्शी का कहना है, 'हमारे बच्चों के लिए अच्छा है कि वे क से कलम पढ़ें, न कि क से कमल, जोकि बीजेपी का चुनाव निशान है।'
विज्ञापन
ठीक इसी तरह हिंदी और गुजराती संस्करण में क्रमशः अ से अत्याचार और क से कमल नहीं बल्कि कलम पढ़ाया जाता है। इस किताब के हिंदी और गुजराती संस्करण के लेखक धीरज प्रियदर्शी हैं, जो एक टेलर हैं। धीरज ने मुख्यधारा की वर्णमाला से हटकर इस नई किताब में ऐसे शब्द चुने हैं जो दलित बच्चों के लिए फिट हैं। अंबेडकरवादी साहित्य के लाइब्रेरी चलाने वाले प्रियदर्शी का कहना है, 'हमारे बच्चों के लिए अच्छा है कि वे क से कलम पढ़ें, न कि क से कमल, जोकि बीजेपी का चुनाव निशान है।'
विज्ञापन