13 प्वाइंट रोस्टर के विरोध में भारत बंद, अध्यादेश लाने की तैयारी में सरकार
13 प्वाइंट रोस्टर के विरोध में भारत बंद, क्या है विवाद
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के लिए विश्वविद्यालय के बदले विभाग को मानक मानने का फैसला किया। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। मगर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से इंकार कर दिया। इसके बाद विपक्ष के साथ ही सहयोगी दलों लोजपा, आरपीआई और अपना दल ने इस मामले में पीएम से हस्तक्षेप की मांग की। सहयोगी दलों की यह भी मांग थी कि पुराना 200 प्वाइंट रजिस्टर लागू करने के लिए कानून लाया जाए।
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जो आरक्षण को हाथ लगाएगा, वो ज़िंदा जल जाएगा।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) March 5, 2019
दलित-पिछड़ों की पुरज़ोर पुकार।
90% आरक्षण हमारा अधिकार।।#BharatBandh
Union HRD Minister Prakash Javadekar: We have a system of 200 point roster where university is regarded as one unit but the court decided against it & directed for departmental roster. We never agreed to this position so, we filed a review petition that also stands dismissed now. pic.twitter.com/yoCEbwlru4
— ANI (@ANI) March 5, 2019
13 प्वाइंट रोस्टर के विरोध में भारत बंद, अध्यादेश लाने की तैयारी में सरकार
इन संगठनों की ओर से जारी साझा विज्ञप्ति में कहा गया है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने संविधान, सामाजिक न्याय व बहुजनों के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। पूरी ताकत से मनुविधान थोपने व मनुवादी सवर्ण विधान को मजबूत करने और बहुजनों की बेदखली का अभियान चला रखा है। सवर्ण आरक्षण, विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में विभागवार 13 प्वाइंट रोस्टर के जरिए आरक्षण का खात्मा और अब जंगल-जमीन से लाखों आदिवासियों से बेदखली का फैसला बहुजन समाज पर बड़े हमले हैं। रिहाई मंच के राजीव यादव, बिहार फुले-आंबेडकर युवा मंच के अजय कुमार राम और सामाजिक न्याय आंदोलन के अंजनी की ओर से जारी बयान में बहुजन समाज से अपील की गई है कि वे अगर अभी भी नहीं चेते तो फिर बड़ी देर हो जाएगी।