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कल गुजरात तट पर पहुंच सकता है 'वायु' तूफान, पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह

Wed, 12 Jun 2019 07:33 PM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: संदीप भट्ट Updated Wed, 12 Jun 2019 07:33 PM IST
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Cyclone Vayu to make landfall in Gujarat tomorrow
चक्रवाती तूफान वायु का बढ़ा खतरा - फोटो : social media

अरब सागर में हवा के कम दबाव की स्थिति गहराने के कारण उत्पन्न चक्रवाती तूफान ‘वायु’ के 13 जून को गुजरात पहुंचने की आशंका हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में तूफान गंभीर रूप ले सकता है। द्वारका, सोमनाथ, सासन और कच्छ घूमने आए पर्यटकों को 12 जून की शाम के बाद सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।


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अरब सागर में हवा के कम दबाव की स्थिति गहराने के कारण उत्पन्न चक्रवाती तूफान ‘वायु’ के 13 जून को गुजरात पहुंचने की आशंका हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटे में तूफान गंभीर रूप ले सकता है। द्वारका, सोमनाथ, सासन और कच्छ घूमने आए पर्यटकों को 12 जून की शाम के बाद सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।



  राज्य सरकार ने तटीय और दक्षिण गुजरात में ‘हाई अलर्ट’ जारी किया है। तटीय इलाकों में एनडीआरएफ जवानों को तैनात किया है। सेना को भी तैयार रहने को कहा गया है। इस बीच हालात से निपटने और तकरीबन 3 लाख लोगों का रेस्क्यू कराने के लिए सेना और एनडीआरएफ ने कमर कस ली है। 

मुंबई स्थित रीजनल फोरकास्टिंग सेंटर के डायरेक्टर इंचार्ज का कहना है कि वायु तूफान का मुंबई पर ज्यादा असर नहीं है। शहर में संभवत: हल्की बारिश होगी और हवा की गति में भी वृद्धि हो सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक महाराष्ट्र से उत्तर की ओर बढ़ रहा ‘वायु’ बृहस्पतिवार सुबह तक पोरबंदर और कच्छ पहुंच सकता है। तूफान की गति 115 से 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। इसके मद्देनजर सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में 13-14 जून को भारी बारिश हो सकती है।

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने बताया कि तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा सकता है। सरकार तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में है। बंदरगाहों को खतरे के संकेत और सूचना जारी करने को कहा गया है।

 

अमित शाह
अमित शाह - फोटो : पीटीआई

गृहमंत्री शाह ने ली बैठक

‘वायु’ के मद्देनजर गृहमंत्री अमित शाह ने तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा के लिए सभी संभावित कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और संचार जैसी जरूरी सेवाओं की मरम्मत और नुकसान की स्थिति में इनकी फौरन पुनर्बहाली सुनिश्चित करने को कहा। 

गुजरात के 10 जिलों में स्कूल-कॉलेज की 2 दिन छुट्टी 

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने 'वायु' चक्रवात से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले 10 जिलों में 13 और 14 जून को स्कूल और कॉलेजों में 2 दिन की छुट्टी करने का आदेश दिया। 

सीएम ने पर्यटकों से की वापस जाने की अपील

वायु चक्रवाती तूफाने के खतरे को देखते हुए गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने गुजरात द्वारका, सोमनाथ, सासन, कच्छ आए हुए पर्यटकों को 12 जून की दोपहर के बाद सुरक्षित स्थानों पर लौटने की अपील की है। सीएम ने लोगों से कहा कि किसी तरह का नुकसान न हो इसलिए पर्यटक समय रहते वापस भी लौट सकते हैं  

राज्य सरकार के हाई अलर्ट के बाद NDRF तैनात 

मौसम विभाग ने इसके मद्देनजर सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में 13 और 14 जून को भारी बारिश होने और 110 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है।

इसे देखते हुए गुजरात सरकार ने भी ‘हाई अलर्ट’ जारी करते हुए सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के जवानों को तैनात किया है। ष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की एक टीम को भारतीय वायु सेना के C-17 विमान से जामनगर में उतारा गया है। यह टीम किसी भी खतरे की दशा में सहायता और आपदा राहत मिशन चलाएगी।

 

चक्रवाती तूफान वायु का बढ़ा खतरा
चक्रवाती तूफान वायु का बढ़ा खतरा - फोटो : ANI

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह 

राज्य सरकार ने तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। साथ ही बंदरगाहों को खतरे के संकेत और सूचना जारी करने को कहा है। 13 जून को 1 से 1.5 मीटर तक ज्वार उठने की संभावना है जिससे कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, दीव, गिर सोमनाथ, अमरेली और भावनगर के निचले जिलों में पानी भर सकता है। 

केरल में मूसलाधार बारिश

केरल में मानसून के दस्तक देने के बाद कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई है। खासतौर पर तटीय इलाकों में मकानों और पेड़ों को भारी नुकसान पहुंचा है। पिछले साल अगस्त में हुई अत्यधिक मानसूनी बारिश के बाद राज्य को सदी की सबसे बड़ी बाढ़ का सामना करना पड़ा था, जिसमें करीब 400 लोगों की मौत हो गई थी। 

मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को एर्नाकुलम के पिरावम में सर्वाधिक 14 सेमी. बारिश दर्ज की गई। विभाग ने कुछ इलाकों में अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर मलप्पुरम और कोझिकोड में 12 जून को भारी वर्षा के आसार हैं। इस दौरान मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। 
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