Mumbai Weather: अब निसर्ग ने दी दस्तक, महाराष्ट्र और गुजरात में रेड अलर्ट, एनडीआरएफ टीम तैनात
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में हाल ही में आए चक्रवाती तूफान अम्फान के बाद देश में एक और चक्रवाती तूफान ने दस्तक दे दी है। यह तूफान अरब सागर में बन रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में निसर्ग नाम के चक्रवात के मद्देनजर रेड अलर्ट जारी किया है। इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है और गुजरात के भावनगर में तेज बारिश हुई है। गुजरात व महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की कई टीम तैनात की गई है।
अरब सागर में चक्रवात की स्थिति को विकसित करने के मद्देनजर, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल ने महाराष्ट्र में 9 - मुंबई में 3, पालघर में 2, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में एनडीआरएफ (NDRF) टीमें तैनात की हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निसारगा से निपटने के लिए तैयारियों पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की है। चक्रवात के 3 जून को महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्सों में टकराने की उम्मीद है।
Maharashtra: Two National Disaster Response Force (NDRF) teams have been deployed in Palghar in view of #CycloneNisarga; total 9 teams have been deployed in the State including 3 in Mumbai. pic.twitter.com/HPfgCRvBCA
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) June 1, 2020
वहीं तूफान के मद्देनजर गुजरात में एडीआरएफ की 11, महाराष्ट्र में 10 और दमन व दीव और दादरा नगर हवेली में एक-एक टीम तैनात की गई है। आईएमडी ने बताया है कि कम दबाव वाला क्षेत्र आज सुबह में और कम हो गया। इस चक्रवाती तूफान के तीन जून की शाम या रात के दौरान उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात तट से टकराने की उम्मीद है।
The low-pressure area intensified into a depression today morning. To intensify into a Cyclonic Storm and cross North Maharastra and South Gujarat coast during 3rd June evening/night: IMD (India Meteorological Department) pic.twitter.com/1UFDyweABu
— ANI (@ANI) June 1, 2020
इसके टकराने के साथ ही महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में भारी बारिश संभावना है। आईएमडी ने एक जून के लिए केरल, कर्नाटक के तटीय इलाकों, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने रविवार को पुष्टि की अरब सागर और लक्ष्यद्वीप के बीच बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में तेजी ला सकता है।
विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि चक्रवात के दक्षिण पूर्वी और आसपास के पूर्वी मध्य अरब सागर तथा लक्षद्वीप क्षेत्र के ऊपर कम दबाव के रूप में मजबूत होने की संभावना है और फिर यह अगले 24 घंटों में और अधिक मजबूत होकर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इस चक्रवाती तूफान के तीन जून की शाम या रात के दौरान उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात तट से टकराने की उम्मीद है।
विभाग ने चार जून तक एहतियातन मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जो मछुआरे अभी अरब सागर में गए हैं, वे तुरंत वापस तटों पर लौटें।
आईएमडी के अहमदाबाद केंद्र ने उत्तरी और दक्षिणी गुजरात तटों पर सभी बंदरगाहों पर दूरस्थ सूचक (डीसी-1) चक्रवात चेतावनी संकेत सक्रिय कर देने का परामर्श दिया है क्योंकि समुद्र में चार जून तक स्थिति अत्यंत खराब रहने की संभावना है। 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं जिनकी गति 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।
दूसरी तरफ, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बारिश और तेज हवाओं से तापमान में गिरावट हुई है। रात में हुई बारिश और तेज हवाओं के चलते मौसम ने करवट बदली है। लगातार दो दिन से तापमान में गिरावट जारी है।
गोवा से 370 किमी दूर है चक्रवात
पृथ्वी मंत्रालय ने कहा है कि चक्रवाती तूफान दक्षिण-पूर्व और आसपास के पूर्वी मध्य अरब सागर और लक्षद्वीप क्षेत्र में कम दबाव वाला क्षेत्र पूर्व-पूर्वी और आस-पास के दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर एक डिप्रेशन में केंद्रित है। सुबह 5.30 बजे चक्रवात का अक्षांश 13.0 °उत्तर और देशांतर 71.4 °पूर्व रहा जो पणजी (गोवा) से लगभग 370 किमी दक्षिण-पश्चिम, मुंबई (महाराष्ट्र) से 690 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और सूरत (गुजरात) से 920 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में स्थित है।
मंत्रालय ने कहा है कि अगले 12 घंटों के दौरान दक्षिण पूर्व अरब सागर और उससे सटे दक्षिण पूर्व में चक्रवात के तेज होने की संभावना है और बाद के 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर चक्रवाती तूफान और तीव्र हो सकता है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने केरल के ऊपर दक्षिण पश्चिम मानसून 2020 की शुरुआत की घोषणा की। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आज 1 जून को केरल में पहुंच गया है। यह सामान्य तिथि के साथ यहां पहुंचा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा है कि उत्तर पूर्व भारत में काफी समय से बारिश थोड़ी कम हो रही है इस साल भी मात्र 96% बारिश होगी। उन्होंने कहा कि मानसून के 40 फीसदी से ज्यादा सामान्य रहने की संभावना है जबकि बारिश के कम होने की सिर्फ पांच फीसदी आशंका है।
पृथ्वी मंत्रालय के सचिव डॉ माधवन नायर राजीवन ने कहा है कि अच्छे मानसून के लिए परिस्थितियां अधिक अनुकूल होती जा रही हैं। मात्रात्मक रूप से, देश में जून से सितंबर के बीच मानसून की वर्षा इसकी लंबी अवधि के औसत का 102% होगी जिसका मतलब 88 सेमी है।