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Manipur Violence: आज मणिपुर के कुछ इलाकों में कर्फ्यू में ढील, कुछ घंटे के लिए खरीद सकते हैं जरूरी सामान

Sun, 07 May 2023 02:07 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल Published by: Jeet Kumar Updated Sun, 07 May 2023 02:07 AM IST
सार

प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कर्फ्यू लगाया है वहीं इसमें सुबह सात बजे से सुबह 10 बजे तक ढील दी जाएगी। शनिवार को भी दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक दो घंटे की ढील दी गई।

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Curfew relaxed in in Churachandpur of Manipur essential items can be bought for a few hours
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हिंसा प्रभावित मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के साथ अन्य इलाकों में आज कर्फ्यू में ढील दी गई है ताकि लोग आवश्यक सामान खरीद सकें। एक अधिसूचना के अनुसार लोगों को अपने घरों से बाहर आने-जाने पर रोक लगाने वाले कुल कर्फ्यू में रविवार सुबह तीन घंटे की ढील दी जाएगी, ताकि लोग दवाएं और भोजन जैसी आवश्यक वस्तुएं खरीद सकें।

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प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कर्फ्यू लगाया है वहीं इसमें सुबह सात बजे से सुबह 10 बजे तक ढील दी जाएगी। शनिवार को भी दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक दो घंटे की ढील दी गई।
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एन बीरेन सिंह ने शनिवार रात अधिसूचना की कॉपी शेयर करते हुए ट्वीट किया कि चुराचंदपुर जिले में कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार के साथ और राज्य सरकार और विभिन्न हितधारकों के बीच बातचीत के बाद, मुझे यह साझा करने में खुशी हो रही है कि नीचे दिए गए विवरण के अनुसार कर्फ्यू में आंशिक रूप से ढील दी जाएगी।
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चुराचांदपुर के जिला मजिस्ट्रेट शरथ चंद्र अरोजू द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि छूट की समीक्षा की जाएगी और मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति के आकलन के आधार पर अधिसूचित किया जाएगा। 

प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई
मेइती समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में छात्रों के संगठन ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर’ (एटीएसयूएम) ने मार्च बुलाया था। ‘आदिवासी एकता मार्च’ के नाम से हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई। आदिवासियों और बहुसंख्यक मेइती समुदाय के सदस्यों के बीच हिंसक झड़पों के बाद 3 मई को कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसमें अब तक हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और कम से कम 54 लोग मारे गए हैं। 

मेइती मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। जनजातीय - नागा और कुकी - अन्य 40 प्रतिशत आबादी का गठन करते हैं और ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

सीएम ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शांति समिति की घोषणा की
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि जमीनी स्तर पर शांति पहलों को लागू करने को सुनिश्चित करने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में शांति समितियों का गठन किया जाएगा। सीएम ने हिंसा प्रभावित राज्य में मौजूदा स्थिति पर सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यह घोषणा की।


उन्होंने कहा कि मणिपुर में मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने और राज्य में शांति और स्थिरता लाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने के लिए एक सर्व-राजनीतिक दल की बैठक की। आगे सीएम ने कहा कि बैठक के दौरान, राज्य में शांति की अपील करने और सभी नागरिकों को ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया गया, जिससे हिंसा या अस्थिरता बढ़ सकती है।

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