{"_id":"57d203044f1c1b255631a319","slug":"curfew-ends-in-kashmir-unrest-and-protest-continues","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कश्मीर घाटी से कर्फ्यू और पाबंदियां हटीं, लेकिन नहीं थम रहीं हिंसक झड़पें","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कश्मीर घाटी से कर्फ्यू और पाबंदियां हटीं, लेकिन नहीं थम रहीं हिंसक झड़पें
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Fri, 09 Sep 2016 06:17 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी से बृहस्पतिवार को कर्फ्यू और पाबंदियां हटा ली गईं। इसके बावजूद दक्षिण कश्मीर सहित कुछ अन्य इलाकों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। इनमें जवानों सहित 50 से अधिक लोग जख्मी हो गए। सुरक्षा बलों पर कई जगह उपद्रवियों ने जमकर पत्थरबाजी की। सीआरपीएफ के 17 जवान पत्थरबाजी में घायल हुए हैं।
विज्ञापन
शोपियां के केलार गांव में हिंसा भड़काने के लिए हो रही रैली को नियंत्रित करने पहुंची सुरक्षा बलों की टुकड़ी पर जमकर पथराव किया गया। हालात काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले और पैलेट गन का प्रयोग करना पड़ा। हिंसक झड़प में करीब 30 लोग घायल हो गए।
विज्ञापन
दक्षिण कश्मीर के ही पुलवामा जिले के त्राल इलाके में पत्थरबाजों की धरपकड़ के दौरान उपद्रव शुरू हो गया। घरों से निकले लोग एक जगह एकत्रित हुए और सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया।
विज्ञापन
16 सितंबर तक रह सकता है बंद का असर
मीर मोहल्ला और बाटपोरा में झड़प के दौरान कई लोग घायल हुए। पुलवामा जिले के बथनूर गांव में देश विरोधी नारेबाजी करती भीड़ ने रैली करनी चाही। सुरक्षा बलों ने हिंसा भड़काने की साजिश को नाकाम करते हुए रैली को तितर-बितर कर दिया। इस दौरान उपद्रवियों ने पत्थर बरसाए तो सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। दोनों तरफ से घायलों की संख्या दो दर्जन से अधिक बताई जा रही है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, घाटी में कहीं पर भी कर्फ्यू और धारा 144 की पाबंदियां नहीं हैं। हालांकि, हिंसा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में एहतियातन सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं। बंद का असर फिलहाल जारी है। अलगाववादियों ने 16 सितंबर तक बंद प्रभावी रखने को कहा है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, घाटी में कहीं पर भी कर्फ्यू और धारा 144 की पाबंदियां नहीं हैं। हालांकि, हिंसा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में एहतियातन सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं। बंद का असर फिलहाल जारी है। अलगाववादियों ने 16 सितंबर तक बंद प्रभावी रखने को कहा है।