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West Bengal: चुनावी हिंसा पर हाईकोर्ट सख्त; बीएसएफ-सरकार से रिपोर्ट तलब, घायलों को इलाज मुहैया कराने का आदेश

Mon, 10 Jul 2023 10:30 PM IST
अभिषेक दीक्षित अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 10 Jul 2023 10:30 PM IST
सार

अधीर चौधरी ने कहा कि पंचायत चुनाव में जमकर हिंसा हुई। लोकतंत्र का मजाक बना दिया गया है। उन्होंने कोर्ट में दावा किया कि सरकार, चुनाव आयोग, पुलिस प्रशासन ने साजिश रचकर इस चुनाव में अपनी ताकत दिखाई है।

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Culcutta High Court strict on WB election violence Report summoned from BSF-Government Latest News Update
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा। - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

चुनावी हिंसा पर कलकत्ता हाइकोर्ट सख्त हो गया है। कोर्ट ने बीएसएफ आईजी और राज्य सरकार से पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक ‘हिंसा’ पर एक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को घायल लोगों को अच्छी चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के निर्देस दिए।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी की ओर से दायर मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवज्ञानम की खंडपीठ ने सोमवार को आदेश दिया कि घायलों को सरकारी अस्पतालों में इलाज कराया जाए। कोर्ट ने साथ ही कहा, अगर जरूरत पड़ी तो इलाज के लिए राज्य के किसी बड़े अस्पताल में ले जाना चाहिए। इसके अलावा अदालत ने राज्य को मृतक के अंतिम संस्कार में हर संभव सहायता प्रदान करने का आदेश दिया।
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अधीर ने स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की
अधीर चौधरी ने कहा कि पंचायत चुनाव में जमकर हिंसा हुई। लोकतंत्र का मजाक बना दिया गया है। उन्होंने कोर्ट में दावा किया कि सरकार, चुनाव आयोग, पुलिस प्रशासन ने साजिश रचकर इस चुनाव में अपनी ताकत दिखाई है।
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सरकारी अस्पतालों में उचित सेवाएं नहीं दी जा रही हैं, क्यों?
उन्होंने अदालत से पंचायत में हुई मौत की घटना की जांच की जिम्मेदारी किसी स्वतंत्र एजेंसी को देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि किसी निष्पक्ष संस्था को जांच का आदेश दिया जाना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश ने राज्य के वकील से कहा कि यह शिकायत मिल रही है कि सरकारी अस्पतालों में उचित सेवाएं नहीं दी जा रही हैं, क्यों? कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि कितने मामले दर्ज हुए हैं।

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