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कोरोना वायरस संक्रमण पर किए गए अध्ययन में ये अहम तथ्य आए सामने
Wed, 06 Jan 2021 01:18 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 06 Jan 2021 01:18 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के प्रसार पर किए गए एक अध्ययन में इसके हवा के माध्यम से फैल सकने का दावा किया गया है, लेकिन यह भी कहा गया है कि मास्क पहनने जैसे एहतियाती उपाय सुरक्षा कवच का काम कर सकते हैं। यह अध्ययन यहां स्थित सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मोलेक्युलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) तथा सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी (आईएमटेक), चंडीगढ़ ने किया है।
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सीएसआईआर- सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्युलर बायोलॉजी (सीसीएमबी), हैदराबाद और सीएसआईआर- इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी (आईएमटेक), चंडीगढ़ ने कोरोना वायरस, सार्स-सीओवी -2 के वायु-जनित स्वभाव पर अपना डाटा जारी किया है।
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सीसीएमबी ने मंगलवार को एक विज्ञप्ति में कहा कि वैज्ञानिकों ने हैदराबाद और चंडीगढ़ के तीन-तीन अस्पतालों में यह पता लगाने की कोशिश की थी कि अस्पताल के वार्ड से लिए गए हवा के नमूने में भी क्या वायरस की मौजूदगी हो सकती है। उन्होंने नमूने की जांच आरटी-पीसीआर पद्धति से की। विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘इस अध्ययन में वायरस अस्पताल के कोविड-19 वार्ड से लिए गए हवा के नमूनों में पाया गया, लेकिन गैर कोविड-19 से लिए गए नमूनों में इसकी पुष्टि नहीं हुई। इससे यह जाहिर होता है कि अस्पताल में इन दोनों क्षेत्रों का सीमांकन करना एक प्रभावी रणनीति है।’
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अध्ययन से यह भी प्रदर्शित होता है कि हवा में सार्स- सीओवी-2 (कोविड-19 का वायरस) की मौजूदगी का संबंध वार्ड या कमरे में कोविड-19 मरीजों की संख्या, उनमें इस रोग के लक्षणों और इससे ग्रसित रहने की अवधि से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। अध्ययन में यह कहा गया है कि कोविड-19 के मरीजों ने कमरे में जब ज्यादा समय बिताया, तब हवा में वायरस दो घंटे से अधिक समय तक पाया गया और यह मरीजों के बैठने के स्थानों से दो मीटर से अधिक दूरी पर भी (हवा में) पाया गया।
सीसीएमबी के निदेशक राकेश मिश्रा ने कहा कि अध्ययन के नतीजों से यह प्रदर्शित होता है कि कोरोना वायरस हवा में कुछ देर तक मौजूद रह सकता है, लेकिन महामारी के नियंत्रण के लिए पहले से किये जा रहे एहतियाती उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है। आईएमटेक के निदेशक संजीव खोसला ने कहा, ‘टीकों के उपलब्ध होने तक, सामाजिक उपाय:जैसे कि मास्क पहनना सर्वश्रेष्ठ एहतियाती कदम है।’
When patients spent longer hours in a room, coronavirus is found in air for more than 2 hrs even farther than 2 metres from their seating places. For asymptomatic cases, they showed virus doesn't spread farther from them when they are seated in room without perceived airflow:CCMB
— ANI (@ANI) January 5, 2021