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CSE Study: भारत में इस साल प्री-मानसून सीजन में गर्मी ने तोड़ा 2016 का रिकार्ड, दिल्ली का तापमान 2010 के बाद सबसे ज्यादा

Thu, 07 Jul 2022 07:01 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 07 Jul 2022 07:01 PM IST
सार

गौरतलब है कि तापमान में बढ़ोतरी की प्रवृत्ति को व्यापक रूप से समझने के लिए सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के शोधकर्ताओं ने सतही वायु तापमान, भूमि की सतह के तापमान और सापेक्ष आर्द्रता ताप सूचकांक को कवर करके तापमान प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया है।
 

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CSE study: Pre-monsoon season this year second hottest in India
तापमान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इस समय गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते कुछ सालों को देंखें को गर्मी हर साल अपने पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर हर साल नए रिकार्ड बना रही है। विज्ञान और पर्यावरण संस्थान के शोध के मुताबिक, देश के दूसरे सबसे गर्म प्री-मानसून सीजन के रूप में इस साल गर्मी ने 2016 का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। विज्ञान और पर्यावरण संस्थान के शोधकर्ताओं का कहना है कि सर्दी और मानसून के बाद के मौसम तेजी से गर्म हो रहे हैं। 

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अध्ययन के अनुसार, इस साल दिल्ली में भूमि की सतह का तापमान 2010 के बाद से सबसे अधिक रहा है। इतना ही नहीं दिल्ली में तीनों तापमान मापदंडों पर उम्मीद से अधिक तापमान दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि तापमान में बढ़ोतरी की प्रवृत्ति को व्यापक रूप से समझने के लिए सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) के शोधकर्ताओं ने सतही वायु तापमान, भूमि की सतह के तापमान और सापेक्ष आर्द्रता ताप सूचकांक को कवर करके तापमान प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया है।
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इस अध्ययन में कहा गया है कि दिल्ली में, हवा का तापमान 2010 की तुलना में 1.77 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म रहा है वहीं, भूमि की सतह का तापमान 1.95 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म है। सीएसई के शोध के मुताबिक, दिल्ली में जून 2022 में दैनिक औसत ताप सूचकांक 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। दिल्ली में मार्च और अप्रैल असामान्य रूप से शुष्क रहे हैं, लेकिन मई में कुछ छिटपुट बारिश के साथ आर्द्रता बढ़ने लगी। लेकिन आर्द्रता में बढ़ोतरी के बाद शहर में गर्मी सूचकांक में वृद्धि हुई है, जोकि थर्मल असुविधा में वृद्धि का संकेत देता है।
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सीएसई ने अपने बयान में आगे कहा कि मई, 2022 में हीटवेव के दौरान, दिल्ली भर में भूमि की सतह का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया था, जो कि असामान्य था। शोध के मुताबिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में मार्च से मई के बीच भूमि की सतह के तापमान में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में शहर की परिधि के क्षेत्रों में 19 मार्च से 14 मई, 2022 तक अत्यधिक उच्च सतह के तापमान में वृद्धि देखी गई है।


अध्ययन में आगे कहा गया है कि मई में जलाशयों का तापमान भी बढ़कर 29-30 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो मार्च में 27 डिग्री सेल्सियस से नीचे था। सीएसई ने कहा कि शहर के विश्लेषण का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से प्रेरित बेमौसम हीटवेव के संयुक्त प्रभाव को समझना था। 

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