सीआरपीएफ दिलाएगी अपने दिव्यांग जवानों को खास ट्रेनिंग
सीआरपीएफ ने अपने जवानों के लिए उठाए जा नए कल्याणकारी कदमों के तहत दिव्यांग जवानों की भी सुध ली है। अभी तक अभियान के दौरान कोई अंग भंग हो जाने की स्थिति में सेवानिवृत्त कर दिए जाने वाले जवानों को अब सुरक्षा बल विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग दिलाएगा ताकि इनका उपयोग किसी अन्य काम में किया जा सके।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक एपी माहेश्वरी ने बताया कि हम नहीं चाहते हैं कि विभिन्न अभियानों के दौरान अंग विच्छेदन या किसी अन्य प्रकार की दिव्यांगता का शिकार होने के चलते हमारे जवानों का स्वाभिमान प्रभावित हो। इस कारण हम दिव्यांग जवानों को भी नए कौशल में दक्ष करना चाहते हैं।
डीजी माहेश्वरी ने कहा, इसके लिए विभिन्न दिव्यांग सहयोग व सूचना प्रौद्योगिकी संगठनों के साथ एमओयू साइन किए गए हैं। ये संगठन दिव्यांग जवानों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर स्पेस तकनीक, विभिन्न भाषाओं व बोलचाल आदि में दक्ष बनाएंगे ताकि इन्हें सेवानिवृत्त करने के बजाय सुरक्षा बल में ही
दूसरे कामों में उपयोग किया जा सके। सीआरपीएफ डीजी के मुताबिक, इन जवानों को कार्यालय के काम, अधिकारियों के लिए क्लासरूम लेक्चर, कंट्रोल रूम में नियुक्ति या विभिन्न समारोहों में उद्घोषक के तौर पर तैनात किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ दिव्यांग जवानों के लिए आईआईटी-हैदराबाद से भी दूरस्थ शिक्षा के तहत सूचना प्रौद्योगिकी में एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स कराने का समझौता कर रहा है।
स्थापना दिवस रद्द, डीजी के नेतृत्व में महज 20 अधिकारी जाएंगे गुरुग्राम
एक वरिष्ठ सीआरपीएफ अधिकारी ने बताया कि 19 मार्च को 81वें स्थापना दिवस पर परेड और इससे पहले पूरे देश में सुरक्षा बल की तरफ से विभिन्न समारोहों का आयोजन रखा गया था, जिसे कोरोना वायरस प्रसार के चलते एहतियातन रद्द कर दिया गया है।
अधिकारी ने कहा, अब सीआरपीएफ महानिदेशक के नेतृत्व में 20 वरिष्ठ अधिकारियों का दल गुरुग्राम में सीआरपीएफ बेस पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने जाएगा। इसी दौरान शहीदों के परिजनों और दिव्यांग जवानों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की जाएगी। इसके अलावा पूरे देश में एक लाख जवान विशेष रक्तदान मुहिम में हिस्सेदारी कर रहे हैं।