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CRPF: नौ DIG के पदोन्नति आदेश जारी, यौन उत्पीड़न और जवान पर गर्म पानी फेंकने के आरोपियों को सीलबंद कवर में मिला प्रमोशन

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 02 Jun 2022 07:23 PM IST
सार

CRPF के जिन कैडर अधिकारियों को आईजी बनाया गया है, उनमें बलविंदर सिंह गुजराल, मोहम्मद रफीक हुसैन, बिद्युत सेनगुप्ता, काजोरमल यादव, सुनील जून, संदीप दत्ता, अजय भारतान, जसबीर सिंह संधू व सीमा ढूंडिया शामिल है। इसके अलावा चार डीआईजी को मौजूदा पैनल ईयर में वैकेंसी होने पर ही आईजी बनाया जाएगा...

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CRPF: In central reserve police force a dozen cadre officers  promoted from DIG from IG
Kuldiep Singh, DG CRPF - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में दर्जनभर कैडर अधिकारियों को डीआईजी से आईजी बनाया गया है। ये अधिकारी लंबे समय से आईजी बनने की राह देख रहे थे। वजह, इन अधिकारियों की पदोन्नति की फाइल को 'डीपीसी' से मंजूरी पहले ही मिल चुकी थी। जनवरी माह में ही इन कैडर अधिकारियों के आईजी बनने की फाइल पर मुहर लग गई थी। आईजी बनने वालों में वे अधिकारी भी शामिल हैं, जिन पर यौन उत्पीड़न व जवान पर गर्म पानी फेंकने जैसे आरोप लगे हैं। ऐसे अफसर, जिन पर जांच की तलवार लटकी है, उन्हें एडहॉक प्रमोशन दिया गया है। इनमें डीआईजी 'चीफ स्पोर्ट्स ऑफिसर' खजान सिंह और डीके त्रिपाठी शामिल हैं। दो अन्य अफसर, डीआईजी दरबारा सिंह व भानू प्रताप सिंह का भी पदोन्नति सूची में नाम है।

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इन अफसरों को मिला प्रमोशन

सीआरपीएफ के जिन कैडर अधिकारियों को आईजी बनाया गया है, उनमें बलविंदर सिंह गुजराल, मोहम्मद रफीक हुसैन, बिद्युत सेनगुप्ता, काजोरमल यादव, सुनील जून, संदीप दत्ता, अजय भारतान, जसबीर सिंह संधू व सीमा ढूंडिया शामिल है। इसके अलावा चार डीआईजी को मौजूदा पैनल ईयर में वैकेंसी होने पर ही आईजी बनाया जाएगा। इनकी पदोन्नति तभी हो सकती है, जब आईजी का कोई पद खाली होगा। इस सूची में डीआईजी ब्रजेश प्रताप सिंह, राकेश सिंह चौहान, राजीव कुमार शर्मा और एनी अब्राहम का नाम है। डीआईजी खजान सिंह, दरबारा सिंह, भानू प्रताप सिंह व डीके त्रिपाठी को 'सीलबंद कवर' में एडहॉक पदोन्नति दी गई है। डीआईजी संजीव ढूंडिया का नाम 'आईजी' पद के लिए तैयार की गई पदोन्नति वाली इंपैनलमेंट सूची में शामिल नहीं किया गया है।

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ओलंपिक में किया था प्रतिनिधित्व

जिन अफसरों को 'सील्ड कवर' में पदोन्नति मिली है, उन पर कई तरह के गंभीर आरोप लगे हैं। इनके मामलों की जांच चल रही है। अगर ये जांच में दोषी पाए जाते हैं तो इनकी पदोन्नति वापस ले ली जाएगी। हालांकि इनमें से डीआईजी दरबारा सिंह तो 30 अप्रैल को रिटायर हो गए हैं। सीआरपीएफ डीआईजी एवं राष्ट्रीय तैराकी चैंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता खजान सिंह ने 1986 में सियोल में एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। उन्होंने 1982 के राष्ट्रमंडल खेलों और 1988 के ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला चल रहा है। साल 2020 में एक महिला कांस्टेबल द्वारा उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। शुरुआती जांच में खजान सिंह और टीम के कोच इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया था। पिछले साल डीआईजी खजान सिंह से बरी कर दिया गया था, लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि डीआईजी खजान सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की जो भी शिकायतें हैं, उन्हें अदालत में पेश किया जाए। ऐसे में उन्हें भी सील्ड कवर में पदोन्नति आदेश दिया गया है।  

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जवान पर फेंका था गर्म पानी!

दूसरे डीआईजी डीके त्रिपाठी हैं, जिन्हें सील्ड कवर में पदोन्नति दी गई है। बिहार के राजगीर स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रशिक्षण केंद्र में डीआईजी डीके त्रिपाठी ने अपने ही जवान पर गर्म पानी फेंक दिया था। इस घटना में वह जवान बुरी तरह जख्मी हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उक्त जवान का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया था। उसकी किसी से बात नहीं कराई जा रही है। जवान पर यह बोलने का दबाव डाला गया कि गलती से थर्मस में भरा गर्म पानी उसके ऊपर गिर पड़ा था। हालांकि बाद में उक्त डीआईजी का वहां से तबादला कर दिया गया था। डीआईजी भानू प्रताप सिंह पर भी यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। यूपी के बाराबंकी जिले में तैनात सिविल जज की सीएमओ पत्नी ने उस वक्त लखनऊ सीआरपीएफ सेंट्रल सेक्टर में तैनात रहे डीआईजी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। सीएमओ डॉ. ज्योत्स्ना शुक्ला का कहना था कि डीआईजी भानू प्रताप सिंह, उन्हें देर रात तक पार्टी में ठहरने को मजबूर करते हैं। हाईकोर्ट ने प्रारंभिक तौर से डॉ. शुक्ला के आरोपों को सही माना था। दुर्भावना से किए गए उनके तबादले पर भी रोक लगा दी थी।

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