फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Cross border terrorism is the matter of concern: Richard R Verma

Interview: अमेरिकी राजदूत रिचर्ड राहुल वर्मा बोले-सीमा पार आतंकवाद चिंता का विषय

Wed, 19 Oct 2016 01:38 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 19 Oct 2016 01:38 AM IST
विज्ञापन
Cross border terrorism is the matter of concern: Richard R Verma
रिचर्ड आर. वर्मा

अमेरिकी राजदूत रिचर्ड राहुल वर्मा ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर कहा कि भारत को आत्मरक्षा में कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। उनसे पूछा गया था कि सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन को अमेरिका किस तरह देखता है। वर्मा मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने नोएडा आए थे। उनका कहना था कि सीमा पार आतंकवाद चिंता का विषय है। बातचीत के दौरान वर्मा ने भारत-अमेरिका संबंधों में आई बेहतरी की ओर इशारा किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के  बयान का समर्थन किया कि दोनों देश लंबे समय से चली आ रही हिचक को छोड़कर आगे बढ़ रहे हैं।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकवाद को लेकर चिंतित है। अमेरिका ने उड़ी हमले की निंदा की थी। आतंकवाद से निपटने के लिए भारत के साथ सूचनाओं की साझेदारी का नेटवर्क बनाया है, दोनों देशों के बीच कई तरह के प्रशिक्षण और अभ्यास कार्यक्रम चल रहे हैं। हाल में रानीखेत में दोनों देशों की सेना के जवानों ने अभ्यास भी किया था। ऐसे लोगों की सूची भी बनाई जा रही है जो खतरनाक हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत या विश्व मं कहीं भी लोग सुरक्षित महसूस करें।
विज्ञापन


उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल भारत या किसी अन्य देश के खिलाफ कर सकता है। वर्मा ने कहा कि हम मानते हैं जिन भी देशों के पास परमाणु हथियार हैं वे अपनी जिम्मेदारी समझें। अगर यह हथियार आतंकियों के हाथ लग गए तो, इस सवाल पर वर्मा ने कहा कि वहां की सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी नौबत नहीं आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोदी सरकार के कामकाज पर अमेरिकी राजदूत ने कहा कि पिछले दो साल में हर मोर्चे पर अच्छा काम हुआ है। अमेरिका और भारत नजदीक आए हैं, मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की आठ बार मुलाकात हुई हैं, 40 कार्यसमूह बने हैं जो बेहतर रिश्तों पर काम कर रहे हैं। जीएसटी एक अच्छा कदम है। अमेरिका जानता है कि भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाला है, यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। अमेरिका चाहता है कि भारत सभी महत्वपूर्ण संगठनों का हिस्सा हो। एनएसजी में गतिरोध के बारे में उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत इसका हिस्सा बने। चीन के अड़ंगे पर उन्होंने कहा कि बातचीत से इस समस्या का निकट भविष्य में हल निकल आएगा।

हिलेरी या ट्रंप कौन मारेगा बाजी
अमेरिकी राजदूत से जब पूछा गया कि राष्ट्रपति चुनाव अब दिलचस्प दौर में पहुंच गया है। आपके विचार से बाजी किसके हाथ लगेगी, हिलेरी क्लिंटन या डोनाल्ड ट्रंप। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि इसका तो हमें भी इंतजार है। देखते हैं अमेरिकी जनता किसको चुनती है।

लुधियाना के पैतृक गांव का..वह स्वागत
अमेरिकी राजदूत के पिता लगभग 50 साल पहले पंजाब के लुधियाना  से कनाडा चले गए थे। बीच में एक बार वे पिता के साथ गांव गए तो उन्हें यह देखकर बड़ा अचरज हुआ कि सब लोग उन्हें पहले से ही जानते थे। राजदूत बनने के बाद भी वे गांव गए और उनके रिश्तेदारों ने जोरदार स्वागत किया था। उन्होंने बताया कि पिता शिक्षक थे और एक साल की स्कालरशिप अमेरिका के लिए मिली थी। फिर वह दो साल हुई और वे 44 साल बाद अमेरिका में ही रिटायर हुए।


वीजा सिस्टम को आसान बनाया
उन्होंने कहा कि अमेरिका का वीजा हासिल करने में पहले जो दिक्कतें आती थीं उन्हें दूर किया गया है। अब इस प्रक्रिया में 60 मिनट से अधिक नहीं लगते। भारत से बड़ी संख्या में छात्र अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई के लिए वीजा का आवेदन करते हैं। उन्होंने कहा कि वीजा के लिए अब लंबी लंबी लाइन लगाने की जरूरत नहीं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed